वाराणसी: दालमंडी के अलावा अब इस इलाके में भी सड़क चौड़ीकरण का अभियान, 63 करोड़ का है प्रोजेक्ट
Varanasi News: अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि लहुराबीर से गिरजाघर मार्ग तक ट्रैफिक दबाव बढ़ने की वजह से शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें एक प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण शामिल है.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में इन दिनों सड़क चौड़ीकरण अभियान सुर्खियों में है. शहर के सबसे चर्चित मार्केट में से एक दालमंडी में चौड़ीकरण अभियान तय किए जाने के बाद अब एक और मार्ग है, जहां ट्रैफिक दबाव बढ़ने की वजह से सड़क चौड़ीकरण अभियान का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. यह प्रोजेक्ट कुल 63 करोड रुपये का है. इस खबर के बाद स्थानीय नागरिक और व्यापारी परेशान हो उठे हैं. उन्होंने विरासत न तोड़ते हुए उचित विकल्प तलाशने की अपील की है.
एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि लहुराबीर से गिरजाघर मार्ग तक ट्रैफिक दबाव बढ़ने की वजह से शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें एक प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण अभियान शामिल है. यह प्रोजेक्ट करीब 63 करोड रुपये का है, और 53 करोड रुपये मुआवजे के लिए तय किए गए हैं. इस मार्ग पर फोरलेन रोड नहीं है, ट्रैफिक जाम मुक्त मार्ग इसका उद्देश्य है. दोनों तरफ करीब 6 से 7 मी चौड़ाई संभावित है और कम से कम दुकान और मकान प्रभावित हों, इस प्रकार से इस प्रोजेक्ट कार्य को पूरा किया जाएगा.
स्थानीय व्यापारियों ने जताई नाराजगी
वहीं इस प्रोजेक्ट को लेकर एबीपी न्यूज ने ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान स्थानीय व्यापारियों से भी बातचीत की. व्यापारी संजय चौबे ने कहा कि बिल्कुल विकास भी जरूरी है, लेकिन अपनी विरासत की देखभाल करना भी आवश्यक है. वाराणसी की पहचान इन गलियों शहरों से है और यहां की सड़क पर्याप्त चौड़ी है. अगर आपको पूरी तरह ट्रैफिक जाम से निजात दिलाना ही है तो इसका विकल्प ढूंढना चाहिए. यहां के दुकान मकान पर अगर बुलडोजर की कार्रवाई होती है तो निश्चित ही इससे लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा.
पिछली बार अतिक्रमण के दौरान शहर में कई जगह प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा था. अब अगर एक बार फिर अभियान चला तो प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है.
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