वाराणसी में बीते दिनों गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, इसके बाद जल पुलिस और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) ने मुस्तैदी बढ़ा दी है. सावन माह शुरू होने के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्रियों का भी गंगा तटवर्ती क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया है. गंगा स्नान व जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे इन श्रद्धालुओं से एनडीआरएफ ने खास अपील की है.

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वाराणसी के गंगा तटवर्ती क्षेत्र में अनाउंसमेंट के माध्यम से जल पुलिस और एनडीआरएफ की तरफ से लगातार श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि गंगा घाट पर जहां तक रस्सियां लगाई गई है, वहां तक ही स्नान करें. उसके बाद भूल कर भी आगे न बढ़े . इसके अलावा नौका विहार के दौरान अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट जरूर पहनें, गंगा नदी में बहाव तेज होने के बाद छोटे और बड़े नाव का संचालन निर्धारित समय के लिए बंद कर दिया जाता है.

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खतरे के निशान से नीचे गंगा

एबीपी लाइव से बातचीत के दौरान एनडीआरएफ 11 कमांडेंट अनूप सिंह ने बताया कि वाराणसी में स्थिति सामान्य है और गंगा तटवर्ती क्षेत्र पर निरंतर हमारी नजर बनी हुई है. इससे पूर्व में भी सामान्य  दिनों में एनडीआरएफ की टीम लगातार तटवर्ती क्षेत्र में भ्रमण करती है. फिलहाल अभी गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है.

स्नान के दौरान सतर्कता बरतने की अपील

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से और दूर दराज से आने वाले कांवड़ यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे गंगा नदी में स्नान के दौरान विशेष सतर्कता रखें. जहां तक रस्सी लगी है, वहां पर ही स्नान करें, इसके अलावा नौका विहार के दौरान अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट का प्रयोग करें.

काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

श्रावण माह की शुरुआत के साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक श्री काशी विश्वनाथ धाम आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है, आम दिनों की अपेक्षा बाबा के भक्तों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है. गंगा घाट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

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