पूरे देश में धूमधाम से चैत्र नवरात्र का पर्व मनाया गया. इसी क्रम में वाराणसी भी इस प्रमुख पर्व के दौरान राजनीतिक और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर चर्चा के केंद्र में रहा. इसमें वाराणसी नगर निगम के दायरे में आने वाले मीट मांस की दुकानों पर प्रतिबंध से लेकर सियासत और संघ के प्रमुख नेताओं का आवागमन और मंदिरों में लोगों का दर्शन पूजन शामिल रहा.
चैत्र नवरात्र के दौरान बंद रही मीट मांस की दुकानचैत्र नवरात्र के दौरान नगर निगम क्षेत्र के सभी मीट मांस की दुकानों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहा. नगर निगम का यह आदेश पूरे नवरात्र के दौरान सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा. इसके अलावा नवरात्र के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एकदिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे जहां वह अलग-अलग कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर भी दर्शन करने के लिए पहुंचे.
नवरात्र के दौरान संघ प्रमुख पहुंचे वाराणसीइसी चैत्र नवरात्र के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत भी वाराणसी पहुंचे. आरएसएस के विभिन्न कार्यक्रम के अलावा व काशी के प्रमुख धार्मिक स्थल पर दर्शन पूजन करने के लिए भी पहुंचे थे. नवरात्र के प्रथम दिन से लेकर नवमी तक वाराणसी के दुर्गाकुंड सहित अलग-अलग नौ देवी दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही. इन सब के बीच नवरात्र में ही पोस्टर वार के साथ-साथ शमशान मणिकर्णिका घाट पर नगरवधुओं का जलती चिताओं के बीच नृत्य भी चर्चा के केंद्र में रहा.
नवरात्र के दौरान ईद भीरमजान माह के बाद इस बार ईद की तिथि भी नवरात्र के दौरान ही रही. वाराणसी के बेनियाबाग क्षेत्र में नवरात्र और ईद के दौरान गंगा जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब ईद त्यौहार पर हिंदुओं की तरफ से मुस्लिम समाज पर पुष्प वर्षा की गई और उन्हें ईद की मुबारकबाद दी गई.
