वाराणसी सहित पूर्वांचल इस समय भीषण गर्मी और तपिश से बेहाल नजर आ रहा है. सुबह से लेकर देर शाम तक पारा 40 के पार है, लेकिन इसके बावजूद धर्म नगरी वाराणसी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है. वाराणसी के गंगा घाट से लेकर प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचे हैं. और अपने आप में यह तस्वीर हैरान करने वाली है.

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मौसम की मार की वजह से वाराणसी में दोपहर के दौरान सड़कों पर इस समय चलना तक काफी मुश्किल है. अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार है, इसके अलावा तपिश ने लोगों को ज्यादा बेहाल कर दिया है. इसके बाद भी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री काल भैरव मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर और संकट मोचन मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बरकरार है. उन पर इस गर्मी का कोई असर नहीं है.

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भीषण गर्मी में भी नहीं घटा बाबा के भक्तों का उत्साह

भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री काशी विश्वनाथ धाम में उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार के साथ दर्शन पूजन करने के लिए पहुंच रहें हैं. सबसे हैरानी की बात की देर शाम वाराणसी के गंगा घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध आरती में भी पूरी आस्था के साथ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

जून के महीने में काशी को मानसून ने किया निराश

जून महीना बीतने को है , लेकिन अभी भी काशी बारिश के लिए तरस रही है. भगवान इंद्र देवता से लोग बारिश के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी भी बारिश की कोई गुंजाइश नहीं नजर आ रही है. हालांकि, मौसम की बेरुखी के बीच भी धर्म नगरी काशी पर पर्यटक और श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार है.

भगवान शिव के त्रिशूल पर बसी है काशी

पौराणिक कथाओं के अनुसार, काशी जिसे वाराणसी और बनारस नाम से जाना जाता है, वह भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी हुई है. कथाओं के अनुसार, यह भी कहा जाता है कि सृष्टि के विनाश के समय भी का काशी नगरी का विनाश नहीं होता है.

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