दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन मार्ग तक सोमवार (20 जुलाई 2026) को हुए प्रदर्शन की तस्वीर के बाद पूरे देश में अलग ही बहस छिड़ चुकी है. इसी बीच वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Banaras Hindu University) में भी छात्रों का एक समूह हाथों में पोस्टर बैनर लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ परिसर में उतर गया. इस दौरान खासतौर पर छात्र दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर भी नाराज नजर आए. 

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ABP Live की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में शाम 4:00 बजे के बाद छात्रों का एक बड़ा समूह विश्वविद्यालय परिसर के सिंह द्वार की तरफ बढ़ रहा था. छात्रों के हाथ में पेपर लीक मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नाराजगी को लेकर अलग-अलग नारे लिखे गए थे.

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छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना का विरोध

इस  दौरान छात्रों के समूहों की तरफ से नारेबाजी भी की जा रही थी, साथ ही परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी और पुलिस की तरफ से छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था. साथ ही छात्र सोमवार के दिन राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी नाराजगी जताते हुए नजर आ रहे थे.

छात्र हित को लेकर संवेदनशील बने सरकार- छात्र

छात्रों ने विरोध जताते हुए कहा कि 90 से अधिक पेपर लीक होना और उसके बाद जवाबदेही भी नहीं तय होना यह बताता है कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर कितना संवेदनशील है. इस मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए था और दिल्ली में छात्रों के साथ जो रवैया अपनाया गया है वह बिल्कुल असंवैधानिक है.

आपको बता दें कि, दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट पेपर लीक के विरोध छात्र बीते दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे, सोमवार 20 जुलाई को छात्रों की तरफ से 'संसद चलो' यात्रा का आयोजन किया गया था, इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे थे.

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