मार्च के दूसरे सप्ताह में ही उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग राज्यों में भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है. अब इसको ध्यान में रखते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मंदिर प्रशासन की तरफ से गर्मी से बचाव संबंधित उपाय किए गए हैं. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को धूप से बचाव के लिए जर्मन हैंगर लगाए गए हैं. इसके अलावा अलग अलग जगह पर शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था की गई है. 

Continues below advertisement

दरसल पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने के कारण पूरे उत्तर भारत में इस बार मार्च महीने में अप्रैल-मई जैसी गर्मी दिख रही है. जिसका असर उत्तर प्रदेश में भी है. ज्यादातर शहरों का तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. पूर्वांचल में भी व्यापक रूप से गर्मी का कहर दूसरे सप्ताह में देखने को मिल रहा है.

गर्मी से बचाव के लिए मंदिर में किए गए उपाय

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की तरफ से एबीपी न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार बढ़ते गर्मी को देखते हुए और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए गए हैं. दर्शन के लिए कतार में लग रहे श्रद्धालुओं को धूप से बचाव के लिए जर्मन हैंगर लगाया गया है. इसके अलावा अलग-अलग जगह पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है. आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को गर्मी धूप से बचाव संबंधित अन्य सुविधाओं को भी प्रदान किया जाएगा. 

Continues below advertisement

भारी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी

रंग उत्सव होली के बाद अब जनपद में गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है. इस दौरान भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना काशी विश्वनाथ मंदिर में जारी है. देश के अलग-अलग शहरों से लोग पूरे उत्साह के साथ सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. इसको ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन की तरफ से भीषण गर्मी और धूप से बचाव के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं को तय किया जा रहा है.