रमजान का पवित्र महीना चल रहा है ऐसे में मुस्लिम समाज के द्वारा इस महीने में रोजा इफ्तार का कार्यक्रम किया जाता है. लेकिन वाराणसी में एक हैरान करने वाला रोजा इफ्तार का वीडियो सामने आया, जिसमें गंगा की लहरों पर नाव पर बैठकर मुस्लिम समाज के कुछ लड़कों के द्वारा रोजा इफ्तार किया जा रहा था. इस रोजा इफ्तार में बिरयानी भी शामिल था, जिसकी हड्डियां व अन्य सामान गंगा में फेंकने का आरोप लगाया गया है.

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इसी पर आज (18 मार्च) बीजेपी एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने बताया कि मां गंगा हमारी श्रद्धा है और हम उसे मां की तरह पूजते हैं. यह कार्य जिसने भी किया गलत किया और उत्तर प्रदेश सरकार ने उसकी सजा भी दी है. किसी को भी किसी की जन भावना को ठेस पहुंचाने का काम नहीं करना चाहिए.

त्योहार ऐसे मनाए जिससे दूसरे धर्म को नहीं पहुंचे ठेस- बीजेपी एमएलसी

बीजेपी एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि आप ईद भी मनाई और रोजा इफ्तार भी करिए. जिसको लेकर ना ही सरकार को कोई प्रॉब्लम है और ना ही किसी हिंदू समाज के लोगों को दिक्कत है. लेकिन अपने तीज त्योहार ऐसे ना करिए कि दूसरे धर्म के लोगों को इससे ठेस पहुंचे. क्योंकि उत्तर प्रदेश इतनी बड़ी आबादी का देश है, लेकिन पिछले 9 सालों में कोई भी दंगा नहीं हुआ जबकि अखिलेश यादव के सरकार में बरेली मुजफ्फरनगर सहित तमाम जनपदों में इस तरह के कार्य हुआ करते थे और एक वक्त था जब लाखों की संख्या में उत्तर प्रदेश से लोक पलायन कर गए थे. मैं उस वक्त राजस्थान में था जब मुजफ्फरपुर में दंगा होने के वक्त बहुत सारे लोग राजस्थान पहुंच गए थे. भीषण ठंड पड़ने पर लोगों ने कब्रिस्तान में शरण ली थी और उस वक्त करीब 50 से 60 बच्चे ठंड से मर गए थे.

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उस वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सैफई में व्यस्त थे जो ठंड में गर्मी का लुफ्त उठा रहे थे. जबकि नवजात बच्चे उसे वक्त मर रहे थे. उसमें हिंदू और मुसलमान दोनों का नुकसान होता है. हमारे उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म को लेकर कोई भेदभाव नहीं है ऐसे में जो भी गलत करेगा उसे महाराज की सजा जरूर देंगे.

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हमारे लिए गंगा मां है- विशाल सिंह चंचल

वही, वाराणसी के रोजा इफ्तार को लेकर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे सही बताया है. इस पर उन्होंने कहा कि भले ही उनके नजर में कुछ गलत ना हो लेकिन हम गंगा मां को अपनी मां मानते हैं और उसमें स्नान करते हैं और पूजा पाठ करते हैं. यहां तक की घर के गृह प्रवेश से पहले उसमें गंगाजल चिड़कर उसके सुद्धि का भी कार्य करते हैं. इतना ही नहीं लोगों की मौत हो जाने के बाद भी गंगाजल का प्रयोग किया जाता है. ऐसे में हमारे लिए गंगा मां है सुप्रिया श्रीनेत के लिए चाहे जो भी हो.

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