महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक बकरीद पर होने वाली जानवरों की कुर्बानी का मुद्दा इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. इसी बीच वाराणसी के बेनियाबाग स्थित प्रसिद्ध बकरामंडी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. हर साल यहां बकरीद के मौके पर बकरों की बड़ी मंडी लगती थी, जहां करोड़ों रुपए का कारोबार होता था. दूर-दूर से व्यापारी अपने बकरे लेकर पहुंचते थे और खरीददारों की भी भारी भीड़ उमड़ती थी. लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. मैदान के बाहर ताला लटका हुआ नजर आ रहा है और मंडी पूरी तरह बंद पड़ी है.
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नहीं लगने दी मंड़ी
दरअसल, वाराणसी नगर निगम की ओर से इस बार भी बकरामंडी के लिए टेंडर जारी किया गया था. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंडी लगाने की तैयारी भी शुरू हो गई थी, लेकिन बाद में नगर निगम ने अचानक टेंडर को रद्द कर दिया. बताया जा रहा है कि मंडी क्षेत्र में गंदगी फैलने, अव्यवस्था और जानवरों के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने की वजह से यह फैसला लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस तरह की भीड़ और अव्यवस्था से इलाके में परेशानी बढ़ सकती थी.
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2 KM के दायरे में धार्मिक स्थल होने के चलते लिया फैसला
वहीं एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि बेनियाबाग क्षेत्र से करीब 2 किलोमीटर के दायरे में वाराणसी का प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित है. धार्मिक संवेदनशीलता और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यह कदम उठाया है. टेंडर रद्द होने के बाद व्यापारी आनन-फानन में दूसरी जगहों पर चले गए हैं, जबकि खरीदारी के लिए पहुंच रहे लोग अब स्थानीय लोगों से नई मंडियों की जानकारी लेते नजर आ रहे हैं.
