उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बढ़ते गंगा के जलस्तर की वजह से अब गंगा घाट का आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गंगा का पानी सीढ़ियों से ऊपर उठ रहा है, जिसकी वजह से घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है और गंगा घाट पर होने वाले दैनिक आयोजन प्रभावित हो रहे हैं. 

Continues below advertisement

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर परिजनों का शवदाह करने के लिए दूसरे राज्यों से लोग आते है. पानी बढ़ने की वजह से इन लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही. प्रशासन ने लोगों को सावधान किया है और गहरे पानी में जाने की मनाही है, इसके साथ ही निगरानी भी बढ़ा दी है घाटों पर.

यह भी पढ़ें: आशु मलिक से बहस के VIDEO पर इमरान मसूद की सफाई, बोले- 'दोस्त हैं हम'

Continues below advertisement

अब छत पर हो रहा शवदाह 

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से ABP Live  की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से छत पर लोग अपने परिजनों का शवदाह व पिंड दान करते देखे गए . घाट पर मौजूद पुरोहित निर्मेश द्विवेदी ने बताया की - सामान्य तौर पर हर वर्ष वाराणसी के गंगा घाट पर ऐसी स्थिति होती है और बढ़ते जलस्तर की वजह से तीर्थ यात्री और शवदाह करने आने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 

गंगा घाट पर ही उन्हें घण्टो इंतजार करना पड़ रहा है. एक घाट से दूसरे घाट का  संपर्क भी टूट चुका है जिसकी वजह से मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. वहीं दूसरे राज्यों से आकर अपने परिजनों का पिंडदान करने वाले लोग भी घाट के छत पर ही यह कार्यक्रम करते देखे गए. 

चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रही गंगा 

बुधवार के दिन वाराणसी में गंगा का जलस्तर 67 मीटर के करीब पहुंच गया है. 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी अभी भी जारी है. इसके अलावा बढ़ते जलस्तर के बाद गंगा चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचती नजर आ रही हैं. इसकी वज़ह से गंगा घाट के स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ रही है. 

यह भी पढ़ें: अंकिता हत्याकांड के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, 3 बार बदले सरकारी वकील