उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन और जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर सरकार द्वारा लगातार दावा किया जाता है,लेकिन विभागीय स्तर पर कर्मचारियों द्वारा इसी दावे की पोल खोली जा रही है. कुछ ऐसा ही मामला वाराणसी के बिजली विभाग से जुड़ा हुआ सामने आया है , जब वाराणसी के पांडेपुर के पंचम खंड में तैनात जेई सुखदेव रस्तोगी ने एक उपभोक्ता से 22000 रुपया नए कनेक्शन के लिए ले लिया, इसके बाद एंटी करप्शन द्वारा रंगे हाथों  जेई को गिरफ्तार किया गया है.

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एंटी करप्शन की इस कार्रवाई से विभाग में हडकंप मचा हुआ है.उधर इस मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है. जबकि विभाग में भ्रष्टाचार ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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नए कनेक्शन के लिए मांगे 22000 रुपए 

जानकारी के अनुसार,वाराणसी के टकटकपुर निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव ने अपने नए मकान निर्माण कार्य के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन का ऑनलाइन आवेदन किया था.जून महीने में इस आवेदन के बाद पंचम खंड पांडेपुर के जेई सुखदेव रस्तोगी से उन्होंने बातचीत की . इसके बाद जेई द्वारा कनेक्शन के लिए उनसे 22000 रुपया रिश्वत मांगा गया .

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12 जून को जब आवेदक के प्लाट पर जेई मिलने के लिए पहुंचे थे, इससे पहले ही अमित कुमार श्रीवास्तव ने एंटी करप्शन को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.  टकटकपुर स्थित आवास पर करीब 11:44 पर आरोपी जेई ने 22000 रुपए रिश्वत के तौर पर मांग की गई, इसके बाद उसे प्राप्त भी किया गया . इसी दौरान मौके पर ही एंटी करप्शन की टीम ने जेई सुखदेव रस्तोगी को पकड़ लिया. 

जेई को किया गया गिरफ्तार 

इस मामले में आरोपी जेई को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से प्राप्त किए गए नोट को भी बरामद किया गया.  इस मामले के आधार पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है . इससे पूर्व में भी विद्युत विभाग में रिश्वत लेने के अन्य मामले सामने आए हैं. 

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