उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती के अलावा विभाग में भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा बेखौफ़ होकर काम के नाम पर घूस मांगना शासन नीति पर गंभीर सवाल खड़ा कर रही है. जी हां वाराणसी में एक ऐसा मामला सामने आया है जो कुछ ऐसा ही हाल बयां कर रहा है. वाराणसी में निजी नलकूप कनेक्शन पर रिपोर्ट लगाने को लेकर बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर द्वारा 30000 घुस मांगा गया जिसे एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया.

JE की गिरफ्तारी से पूरे बिजली महकमे में हड़कम्प मच गया है. साथ ही इस घटना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

नलकूप कनेक्शन पर रिपोर्ट लगाने के लिए 30 हजार

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाराणसी के बड़ागांव के रहने वाले चंद्रभान सिंह ने निजी नलकूप कनेक्शन पर रिपोर्ट लगाने के लिए के सत्येंद्र कुमार द्वारा 30,000 रुपए घूस मांगने की शिकायत एंटी करप्शन को किया गया था. जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जेई को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया. टीम ने 30000 रुपए के साथ शिकायतकर्ता को जेई के पास भेजा. और जैसे ही उसने रुपए जेई को दिए टीम ने उसे  घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल इस मामले में एंटी करप्शन टीम का कहना है कि गिरफ्तार JE पर विधिक कार्रवाई की जा रही है . 

पारदर्शी व्यवस्था पर उठाएंगे सवाल

वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता का प्रार्थना पत्र, शिकायतकर्ता का बयान वीडियो रिकॉर्डिंग इसके अलावा रिश्वत देने वाली धनराशि 30000 नोट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया गया है. हालांकि बीते महीने वाराणसी पहुंचे ऊर्जा मंत्री से लेकर विभाग के बड़े अधिकारियों द्वारा पारदर्शी व्यवस्था का दावा किया जाता रहा है लेकिन इस प्रकार की घटना विभाग के गंभीरता और पारदर्शी व्यवस्थाओं वाले दावों की पोल खोलते नजर आ रहा है.

उधर अभी इस मामले में विभाग के अधिकारियों की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.लेकिन विभाग में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है इस घटना ने साफ़ कर दिया है.