वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार में बुलडोजर कार्रवाई के बाद मंगलवार के दिन भी सड़क चौड़ीकरण और सुंदरीकरण को लेकर मकान को ध्वस्त करने का कार्य जारी रहा. इस दौरान एक मकान को ध्वस्त करने का कार्य घंटे भर तक किया गया. हैमर मशीन हथौड़े की मदद से उसे तोड़ा गया.

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सोमवार के दिन वाराणसी का दालमंडी बाजार चर्चा के केंद्र में रहा. दरअसल पहली बार वाराणसी के दालमंडी बाजार में बुलडोजर के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई. पहली बार हुई इस वृहद कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में स्थानीय दुकानदारों की भी भीड़ देखी गई. कुछ समय के लिए गिरजाघर जाने वाले एकल मार्ग को भी रोका गया था. उसके बाद अगले दिन भी ध्वस्तीकरण का कार्य प्रशासन की तरफ से किया गया.

करीब 17 मीटर से अधिक चौड़ी होगी दालमंडी

सरकार की तरफ से निर्धारित प्रोजेक्ट के अनुसार वाराणसी के दालमंडी बाजार से काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए एक सुगम मार्ग बनाया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर जाने को लेकर एक बेहतर मार्ग उपलब्ध हो, इसी को ध्यान में रखते हुए गलियों को चौड़ा किया जा रहा है. करीब 17 मीटर से अधिक इसे चौड़ा किया जाना तय किया गया है.

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इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के अंतर्गत 181 मकान और 6 धार्मिक स्थल चौड़ीकरण की जद में आएंगे. वाराणसी के दालमंडी में महीनों से जारी इस कार्रवाई के दौरान अलग-अलग तस्वीर सामने निकलकर आई, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा सोमवार के दिन हुई बुलडोजर कार्रवाई की रही.

काशी विश्वनाथ के लिए सुगम मार्ग

यह परियोजना काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए एक आधुनिक और सुगम मार्ग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. दालमंडी बाजार वाराणसी के पुराने और व्यस्त इलाकों में से एक है और यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर संकरी गलियों और भीड़भाड़ का सामना करना पड़ता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना आसान हो जाएगा और साथ ही इलाके का सौंदर्यीकरण भी होगा.

स्थानीय दुकानदारों की चिंता

हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों में चिंता भी देखी गई है. कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें और मकान इस चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं और उन्हें मुआवजे और पुनर्वास को लेकर चिंता है. प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि सभी प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी.

जारी रहेगी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी यह ध्वस्तीकरण कार्य जारी रहेगा और प्रशासन निर्धारित समय सीमा में इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह परियोजना वाराणसी के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और काशी विश्वनाथ मंदिर तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.