उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भारत में प्रथम 100 में आने वाले प्रदेश के निकायों को एक करोड़ रुपए तथा राज्य में पहले तीन स्थान पर आने वाले नगर निकायों को पहले की तुलना में तिगुनी पुरस्कार राशि की जायेगी। फिलहाल प्रथम तीन स्थानों पर आने वाले नगर निगमों को क्रमशः 20 लाख, 15 लाख और 10 लाख रुपए मिलते हैं लेकिन अब 60 लाख, 45 लाख और 30 लाख रुपए दिए जाएंगे। नगर पालिकाओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने पर क्रमशः 15 लाख, 10 लाख और सात लाख रुपए की धनराशि मिलती थी, जो अब बढ़ाकर 45 लाख, 30 लाख और 21 लाख रुपए कर दी गयी है। इसी प्रकार, प्रथम तीन स्थान पर आने वाली नगर पंचायतों को मिलने वाली धनराशि क्रमशः 10 लाख, आठ लाख एवं पांच लाख रुपए से बढ़ाकर 30 लाख, 24 और 15 लाख रुपये कर दी गयी है । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता रैंकिंग के तहत प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले क्रमश: रुड़की नगर निगम, काशीपुर नगर निगम और हल्द्वानी नगर निगम को सम्मानित किया और उन्हें पुरस्कार राशि प्रदान की। ये तीनों नगर निगम स्वच्छता और अवस्थापना से संबंधित कार्यों के लिए क्रमशः एक करोड़, 75 लाख एवं 50 लाख रुपए तक की लागत के प्रस्ताव भी सरकार को भेज सकते हैं । रावत ने प्रथम तीन स्थानों पर रहे नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को भी इस अवसर पर सम्मानित और पुरस्कृत किया।
उत्तराखण्ड सरकार का ऐलान: प्लास्टिक मुक्त होने वाले नगर निकायों को मिलेगा इनाम
ABP Ganga | 05 Sep 2019 02:56 PM (IST)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वच्छता अभियान को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जिस शहर का नगर निगम प्लास्टिक फ्री होगा, उसे सरकार की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।

देहरादून, एजेंसी। उत्तराखंड में सबसे पहले प्लास्टिक मुक्त होने वाले नगर निगम को एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जायेगा । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कल यहां स्वच्छता सर्वेंक्षण संबंधी एक कार्यक्रम के दौरान इस संबंधी घोषणा की । रावत ने कहा कि सबसे पहले प्लास्टिक मुक्त होने वाली नगर पालिका को 75 लाख रुपए और नगर पंचायत को 50 लाख रूपये की राशि बतौर इनाम दी जाएगी।