उत्तराखंड में पवित्र यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू होते ही एक दुखद घटना सामने आई है. यात्रा के पहले ही दिन महाराष्ट्र के नासिक से आए एक तीर्थयात्री की पैदल मार्ग पर चढ़ाई के दौरान मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उसकी जान चली गई.

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ऑक्सीजन की कमी के कारण 65 साल के यात्री अचेत

जानकारी के मुताबिक, करीब 65 साल के यह यात्री यमुनोत्री धाम की ओर पैदल चढ़ाई कर रहा था. इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह रास्ते में ही अचेत होकर गिर पड़ा. मौके पर मौजूद एक नेपाली मूल के मजदूर ने मानवता दिखाते हुए उसे तुरंत जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

जानकीचट्टी अस्पताल के डॉ. हरदेव सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सांस संबंधी बीमारी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक थकान के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं, खासकर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों में जोखिम अधिक रहता है.

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यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की अपील

वहीं, पुलिस प्रशासन ने बताया कि मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. एसआई राजेश कुमार के अनुसार, मृतक के साथ आए अन्य साथी यमुनोत्री धाम की ओर आगे बढ़ गए हैं. उनके वापस लौटने के बाद ही मृतक की शिनाख्त संभव हो सकेगी.

घटना के बाद प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही यात्रा करें. साथ ही, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. यात्रा के पहले ही दिन हुई इस घटना ने श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया है.

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