उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चारधाम यात्रा मार्गों पर बड़ा असर डाला है. रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा में बुधवार देर रात स्मार्ट शौचालय के पास गदेरा उफान पर आ गया, जिससे केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए. वहीं, गुरुवार सुबह चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हेलंग के पास भी मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित हुई.
तिलवाड़ा में गदेरे के तेज बहाव के साथ आए मलबे की चपेट में कई वाहन दब गए. घटना के समय मार्ग से गुजर रहे यात्रियों और वाहन चालकों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई. कुछ ही मिनटों में हाईवे पर मलबे का बड़ा ढेर जमा हो गया, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया.
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हेलंग के पास भी बंद हुआ बद्रीनाथ हाईवे
बारिश के चलते चमोली जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (बद्रीनाथ हाईवे) पर हेलंग के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया. प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है और मार्ग को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं.
प्रशासन ने शुरू किया राहत और नुकसान का आकलन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हो गईं. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि तिलवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण गदेरा उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है. मलबे में दबे वाहनों को सुरक्षित निकालने और मार्ग को शीघ्र सुचारु करने के लिए जेसीबी मशीनों सहित संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं. नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
नदियों का जलस्तर भी बढ़ा, कई स्थानों पर चेतावनी
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर सुबह 7 बजे 626.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (626.00 मीटर) से 0.20 मीटर ऊपर बह रहा है. देवप्रयाग में भागीरथी नदी का जलस्तर 462.00 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी स्तर के बराबर पहुंच गया है और लगातार बढ़ रहा है. हरिद्वार के रायसी में बाणगंगा नदी का जलस्तर 230.09 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से 0.09 मीटर ऊपर बह रहा है.
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.
मानसून के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार भूस्खलन, मलबा आने और गदेरों के उफान की घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है.
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