Uttarakhand News: उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में कोहरे ने ठंड को और बढ़ा दिया है. लोग ठिठुरने को मजबूर हैं, और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार, 10 जनवरी तक घना कोहरा बने रहने और 11 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना है. हल्द्वानी और अन्य मैदानी क्षेत्रों में कोहरे ने ठंड को और विकराल बना दिया है. मंगलवार को हल्द्वानी में सुबह तीन बजे से कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू किया, जो करीब सात घंटे बाद 10 बजे छट सका. हालांकि, इसके बाद भी धुंध बनी रही. दिनभर बादलों और पछुआ हवाओं के कारण शीतलहर जारी रही. कोहरे और ठंड के कारण लोग घरों में कैद हो गए, और जरूरी कामों के लिए ही बाहर निकले.
ठंड के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मंगलवार को हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम पारा 8.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. सोमवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस था, जो एक ही दिन में 10 डिग्री की गिरावट के साथ बेहद कम हो गया. मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 15.1 डिग्री और न्यूनतम 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पछुआ हवाओं की रफ्तार 8.7 किमी प्रतिघंटे रही, जिससे ठंड और बढ़ गई. आगामी दिनों में भी ठंड के तेज होने की संभावना है.
लोग अलाव का ले रहे सहाराशीतलहर ने प्रदेश के सभी जिलों में लोगों का जीवन कठिन बना दिया है. हल्द्वानी में बाजारों की रौनक कम हो गई है. लोग दुकानों के बाहर या घरों में अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. दफ्तरों में भी कर्मचारी हीटर और ब्लोअर का सहारा ले रहे हैं. कड़ाके की ठंड ने खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी है. पर्वतीय इलाकों में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है. इस वजह से वहां भीषण ठंड पड़ रही है. बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. इन इलाकों में ठंड से बचाव के लिए स्थानीय लोग घरों में ही समय बिता रहे हैं.
मौसम विभाग जारी किया बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने 10 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है. 11 जनवरी को हल्की बारिश होने की संभावना है, जो ठंड को और बढ़ा सकती है. डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पछुआ हवाओं और कोहरे के कारण अगले कुछ दिनों तक शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. घने कोहरे और शीतलहर के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. सुबह और शाम के समय कोहरा इतना घना होता है कि वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. विजिबिलिटी कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा, ठंड के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है. सर्दी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं.
विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. सुबह और रात के समय यात्रा करने से पहले कोहरे और ठंड की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है. उत्तराखंड में इस समय मौसम का मिजाज बेहद सख्त है. पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में ठंड और कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है. मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है. वहीं, प्रशासन को भी ठंड से बचाव के उपायों पर ध्यान देना होगा ताकि लोगों को राहत मिल सके.
ये भी पढ़ें: संभल मंदिर-मस्जिद विवाद में जिला अदालत की सुनवाई पर रोक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी नई तारीख
