उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश न होने का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है. इसका सीधा प्रभाव न केवल किसानों की फसलों पर पड़ रहा है, बल्कि प्रदेश की आबोहवा भी बिगड़ती जा रही है. राजधानी देहरादून में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय बन गया है. रविवार को देहरादून का AQI 172 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी में आता है.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों यानी 19 और 20 जनवरी को मौसम शुष्क बना रहेगा. इसके बाद 21 जनवरी से मौसम में बदलाव के संकेत हैं. पूर्वानुमान के मुताबिक 21 से 24 जनवरी तक उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. वहीं, मैदानी इलाकों में कोहरे का असर बढ़ सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी.
21 जनवरी को इन जिलों में बारिश आसार
आईएमडी के अनुसार, 21 जनवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं. मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति 24 जनवरी तक बनी रह सकती है, जिससे ठंड में और इजाफा होगा.
बारिश न होने की वजह से बढ़ रहा प्रदूषण
बारिश न होने के कारण देहरादून समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है. दिसंबर माह में AQI कई बार खराब श्रेणी में पहुंचा था, हालांकि जनवरी की शुरुआत में स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई थी. लेकिन अब एक बार फिर वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार रविवार को दून का AQI 172 दर्ज किया गया.
देहरादून 207 पहुंचा एक्यूआई
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी 16 जनवरी के आंकड़ों के अनुसार उस दिन देहरादून का AQI 207 तक पहुंच गया था, जो चिंताजनक स्तर माना जाता है. इस दौरान पीएम 2.5 का स्तर 92 और पीएम 10 का स्तर 110 दर्ज किया गया. विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश न होने, वाहनों के धुएं और धूल कणों के कारण प्रदूषण में इजाफा हो रहा है.
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट के साथ-साथ वायु गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद की जा सकती है. हालांकि तब तक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.