उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है. मार्च के आखिरी दिनों में जब लोग गर्मी की शुरुआत का अंदाजा लगा रहे थे, तभी मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर सबको चौकन्ना कर दिया. पहाड़ी जिलों में बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्तराखंड का मौसम कभी भी, किसी का मोहताज नहीं रहता. 

Continues below advertisement

किन जिलों पर मंडरा रहा है खतरा?

मौसम विभाग की मानें तो उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़, ये पांच जिले फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले हैं. इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है. लेकिन असली चिंता उन इलाकों की है जो समुद्र तल से 3300 मीटर या उससे भी अधिक ऊंचाई पर बसे हैं, वहां बारिश नहीं, बर्फ गिरने के आसार हैं.

Continues below advertisement

इससे पहले गुरुवार को भी पिथौरागढ़ के डीडीहाट और कनालीछीना तथा रुद्रप्रयाग के केदारनाथ धाम और सोनप्रयाग में बारिश हो चुकी है. यानी मौसम का यह बदलाव अचानक नहीं आया पिछले कुछ दिनों से इसके संकेत मिल रहे थे.

हवाएं भी रहेंगी तेज, बिजली गिरने का भी खतरा

सिर्फ बारिश और बर्फ ही नहीं, इस बार मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है. साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की आशंका ने भी पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

विभाग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि लोग खराब मौसम के दौरान खुले में निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. पहाड़ों में इस तरह की हवाएं और बिजली, दोनों ही मिलकर खतरनाक साबित हो सकती हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो जंगलों या ऊंचाई वाले रास्तों पर हों. देहरादून में क्या है हाल?

राजधानी देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा. कुछ इलाकों में बहुत हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. तापमान की बात करें तो अधिकतम 31°C और न्यूनतम 15°C के आसपास रहने का अनुमान है — यानी दिन में गर्मी का एहसास होगा, लेकिन रात और सुबह ठंडक बनी रहेगी.

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

28 मार्च को पांचों पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है. शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है.

29 मार्च को मौसम थोड़ा और बिगड़ सकता है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं. बाकी जिलों में भी छिटपुट बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता.

30 मार्च तक आते-आते पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है और मैदानी इलाकों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी.

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी बात

चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच यह मौसम उन श्रद्धालुओं के लिए भी एक संकेत है जो अभी से रास्तों का जायजा लेने निकलते हैं. केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग पर मौसम कभी भी बदल सकता है. ऐसे में बिना पूरी तैयारी के ऊंचाई वाले इलाकों में जाना समझदारी नहीं.

स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित रखें, खुले में काम करने से बचें और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें. पहाड़ का मौसम, जितना खूबसूरत है, उतना ही अप्रत्याशित भी.