उत्तराखंड की साल 2003 की मतदाता सूची के मतदाताओं की मैपिंग की प्रक्रिया लगातार जारी है. निर्वाचन विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक SIR मैपिंग 75 फीसदी पूरी की जा चुकी है. मैपिंग को सौ फीसदी पूरा करने के लिए सभी BLO मतदाताओं के संपर्क में हैं और निरंतर सूची को अपडेट करने का काम कर रहे हैं. प्री मैपिंग की सूची में जनपद देहरादून और जनपद उधम सिंह नगर अभी सबसे पीछे चल रहा है. 

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1 फरवरी से शुरू किया जाएगा प्री SIR मैपिंग का दूसरा चरण

अब तक की जानकारी के मुताबिक उधम सिंह नगर में 59.64 % जबकि देहरादून में 57.23% ही मैपिंग पूरी हो सकी है . जिस पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने जानकारी देते हुए बताया कि देहरादून और उधम सिंह नगर क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्यादा होने के कारण मैपिंग प्रतिशत में कमी दर्ज की गई, हालांकि दोनों ही पदों की मैपिंग को जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा.

उत्तराखंड में साल 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग की जा रही है, जिसका दूसरा चरण 1 फरवरी से शुरू किया जाएगा.  प्रदेश में महिलाओं और युवाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण कई नाम 2003 की सूची में नहीं थे . उन्हें लेकर इस चरण में महिलाओं और युवाओं पर निर्वाचन विभाग का विशेष फोकस देखने को मिलेगा. 

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15 फरवरी तक एक पूरी मैपिंग का कार्य होगा पूरा

गौरतलब है कि कोई ऐसी महिला जो 2003 से पहले शादीशुदा न हो और किसी अन्य जगह की वोटर लिस्ट में शामिल हो या कोई ऐसा युवा जिसके माता-पिता का नाम 2003 की लिस्ट में ना हो, ऐसे नामों को प्रोविजन के माध्यम से इस बार की सूची में अंकित किया जाएगा. अंदेशा लगाया जा रहा है कि 15 फरवरी तक प्रदेश के भीतर एक पूरी मैपिंग का कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता देखने को मिलेगी.

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है. अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 12,070 बीएलए नामित किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक नामांकन बीजेपी और कांग्रेस द्वारा किए गए हैं.