उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC)की तरफ से स्नातक स्तर की कराई गई परीक्षा पेपर लीक के मामले में राज्य सरकार की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में सरकार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को सस्पेंड कर दिया है. इस फैसले के बाद युवाओं का आक्रोश कुछ हद तक शांत होता दिखाई दे रहा है. साथ जांच टीम भी गठित की गई है, जो दोषियों पर कार्रवाई कर एक महीने में सरकार को सौंपेगी.

उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित कराए जाने के दौरान पेपर लीक का मामला सुर्खियों में है. मामले में जहां एक तरफ पेपर लीक से जुड़े लोगों की खोजबीन जारी है, तो वहीं इस मामले में लापरवाही करने वालों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

सेक्टर मजिस्ट्रेट निलंबित

इसी कड़ी में उत्तराखंड सरकार ने अब जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के एन तिवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. वित्तीय सचिव दिलीप जावलकर ने इस संदर्भ में निलंबन से जुड़ा आदेश जारी किया है. प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई से युवाओं का आक्रोश थोड़ा कम हुआ है.

यूकेएसएसएससी ने की थी कार्रवाई की मांग

आपको बता दें कि, उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की तरफ से सरकार को पत्र लिखकर हरिद्वार के परीक्षा केंद्र में लापरवाही के मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी. शिकायत में कहा गया था कि, परियोजना निदेशक के एन तिवारी को परीक्षा में सुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन जिस तरह से प्रश्न पत्र के तीन पन्ने बाहर भेजे गए, उसे हिसाब से परीक्षा केंद्र में लापरवाही की गई है. ऐसे में उक्त अधिकारी पर कार्रवाई की जाए.

आदेश में कही गई ये बात

आदेश में यह भी साफ-साफ कहा गया है कि जिस तरह से पेपर परीक्षा केंद्र से बाहर आया, उससे साफ है कि परियोजना निदेशक अपनी जिम्मेदारी निभाने में कामयाब नहीं रहे. उनकी संवेदनशीलता इसमें नहीं दिखाई दी. ऐसे में पेपर लीक मामले में उनकी प्रथम दृष्टया लापरवाही दिखाई देती है जिसके चलते उन्हें निलंबित किया जाता है.

जांच के लिए एसआईटी गठित

उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय विभिन्न रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी, परीक्षा केंद्र से पेपर शुरू होने के आधे घंटे में ही प्रश्न पत्र के तीन पेज परीक्षा केंद्र से बाहर आ गए थे. इस मामले में सरकार ने एक SIT भी गठित कर दी है. वहीं मुख्यमंत्री से साफ कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले को सरकार गंभीरता से ले रही है, हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रहे है.