उत्तराखंड: धामी सरकार ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट, विपक्ष ने किया जोरदार प्रदर्शन
Uttarakhand Budget 2026: सदन के भीतर जैसे ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया तो विपक्षी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया.कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और 'गवर्नर गो बैक' के नारे लगाने लगे.

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित विधानसभा सदन में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1 लाख 11 हजार 703.12 करोड़ रुपये का बजट सदन के पटल पर रखा. जहां एक ओर सरकार ने इसे प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सत्र की अवधि और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर सदन से लेकर सड़क तक जोरदार प्रदर्शन किया.
सत्र की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक काफी गहमागहमी भरी रही.सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायक दल ने मुख्य द्वार पर धरना देकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे. विपक्ष की नाराजगी मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर थी: पहला, सत्र की बेहद कम अवधि और दूसरा, राज्यपाल के अभिभाषण के ही दिन बजट पेश किया जाना.
विपक्ष ने इसे संसदीय परंपराओं और राज्यपाल के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करार दिया. हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सदन की रूपरेखा कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय होती है और विपक्ष के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं.
राज्यपाल का अभिभाषण और 'गवर्नर गो बैक' के नारे
सदन के भीतर जैसे ही राज्यपाल (से.नी.) लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपना अभिभाषण शुरू किया, विपक्षी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया.कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और 'गवर्नर गो बैक' के नारों के साथ सदन की अवधि बढ़ाने की मांग करने लगे. भारी शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा, जिसमें उन्होंने सरकार के आगामी विजन को रेखांकित किया. हंगामे के बीच ही विपक्षी दल ने सदन से वाकआउट कर दिया, जिसके बाद राज्यपाल ने राज्य के 'समावेशी विकास' का रोडमैप प्रस्तुत किया.
सड़क पर संग्राम: UKD का विधानसभा कूच
सदन के भीतर जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग चल रही थी, वहीं बाहर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरा. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए विधानसभा की ओर कूच किया. पुलिस द्वारा की गई 5 स्तर की बैरिकेडिंग को तोड़कर जब कार्यकर्ता आगे बढ़े, तो पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग कर उन्हें रोकना पड़ा. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली.
कला और संस्कृति की गूंज
सियासी घमासान के बीच विधानसभा की गैलरी में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सुंदर छटा भी देखने को मिली.स्थानीय युवा कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, जिनमें गंगा और पहाड़ी जीवन को उकेरा गया था, आकर्षण का केंद्र रहीं. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने बताया कि राज्यपाल ने भी इन कलाकारों की सराहना की है.उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इन कलाकारों को बड़े मंच प्रदान किए जाएं ताकि राज्य की कला को वैश्विक पहचान मिले.
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण की तमाम अपीलों और मर्यादा बनाए रखने की हिदायतों के बावजूद, पहले दिन का सत्र पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ा. बजट पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में बजट पर होने वाली चर्चा में विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरता है.
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Source: IOCL



























