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उत्तराखंड : 19.79 लाख लोग वोटर लिस्ट से बाहर! एसआईआर से पहले मैपिंग

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दानिश खान   |  धीरज गुप्ता   |  04 Feb 2026 04:08 PM (IST)

Uttarakhand News: उत्तराखंड में एसआईआर से पहले प्री एसआईआर की गतिविधियां जारी हैं, जिसके तहत बीएलओ द्वारा मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है. प्रदेश के 19.79 लाख मतदाता बीएलओ मैपिंग से बाहर हो गए हैं.

उत्तराखंड में प्री एसआईआर प्रक्रिया शुरू (फाइल फोटो)

उत्तराखंड में मतदाता सूची को दुरुस्त और अद्यतन (अपडेट) करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले प्री-एसआईआर गतिविधियां जारी हैं. इसी क्रम में प्रदेशभर में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के माध्यम से मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है. लेकिन अब तक करीब 19.79 लाख मतदाता इस प्रक्रिया से बाहर हैं, जिससे उनके वोट पर खतरा मंडराने लगा है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 84,42,263 पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें से 64,63,099 मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग पूरी हो चुकी है. शेष 19,79,164 मतदाता ऐसे हैं, जिन तक बीएलओ ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन चुनाव आयोग की अपील के बावजूद ये लोग मैपिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए.

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प्री- एसआईआर में मतदाताओं का भौतिक सत्यापन

दरअसल, एसआईआर से पहले प्री-एसआईआर के तहत मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित या फर्जी नामों को हटाया जा सके. शुरुआत में उन मतदाताओं की मैपिंग की गई, जिनका नाम या जिनके परिवार का नाम वर्ष 2003 की उत्तराखंड की मतदाता सूची में दर्ज था. इसके बाद अब उन मतदाताओं की मैपिंग भी की जा रही है, जो वर्तमान में उत्तराखंड में रह रहे हैं, लेकिन जिनका वोट वर्ष 2003 में उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज था.

'जल्द ही शुरू होगी उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया'

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही प्रदेश में एसआईआर की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके तहत सभी मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे. जिन मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें किसी भी तरह के अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. उन्हें केवल फॉर्म भरकर जमा करना होगा. वहीं, जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़े प्रमाण के साथ एसआईआर फॉर्म भरना अनिवार्य होगा. यदि ऐसा नहीं किया गया, तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस का समय पर जवाब न देने की स्थिति में उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. चुनाव आयोग ने सभी शेष मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते बीएलओ से संपर्क करें और मैपिंग प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि उनके मताधिकार पर कोई संकट न आए.

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Published at: 04 Feb 2026 04:08 PM (IST)
Tags: dehradun news UTTARAKHAND NEWS Uttarakhand SIR
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