उत्तराखंड सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुलाई माह की पेंशन राशि का डिजिटल माध्यम से वितरण किया. इस दौरान राज्य के करीब 9 लाख 27 हजार 17 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैंप कार्यालय से बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि जारी की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पेंशन योजनाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.
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'जनता की सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता'
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बुजुर्ग माता-पिता, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. कमजोर और वंचित वर्ग राज्य सरकार के परिवार का हिस्सा है और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है.
वृद्धावस्था पेंशन में सबसे ज्यादा लाभार्थी
जुलाई 2026 में जारी पेंशन राशि में सबसे ज्यादा लाभ वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों को मिला. आंकड़ों के मुताबिक 6 लाख 15 हजार 638 बुजुर्गों को 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 92.34 करोड़ रुपये की राशि दी गई. इसके बाद विधवा पेंशन योजना के तहत 2 लाख 36 हजार 983 महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह के हिसाब से 35.54 करोड़ रुपये वितरित किए गए.
दिव्यांग और किसान पेंशन से भी हजारों लोगों को फायदा
दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 89 हजार 138 लाभार्थियों के खातों में 13.36 करोड़ रुपये भेजे गए. वहीं किसान पेंशन योजना के 27 हजार 288 लाभार्थियों को 1200 रुपये प्रतिमाह की दर से 3.2 करोड़ रुपये की सहायता दी गई. परित्यक्ता पेंशन योजना के तहत 8 हजार 284 लाभार्थियों को भी आर्थिक सहायता मिली. इसके अलावा भरण-पोषण अनुदान योजना, तीलू रौतेली पेंशन योजना और बौना पेंशन योजना के लाभार्थियों को भी डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गई.
केंद्र की योजना से जुड़े 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के अनुरूप राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत कर रही है. इस पेंशन वितरण में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम योजना से जुड़े करीब 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल रहे. सरकार का कहना है कि डीबीटी व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है.
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