उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले हजारों बुजुर्गों की पेंशन पर अब संकट मंडराने लगा है. प्रदेश के 13 जिलों के 6 लाख लाभार्थियों में से लगभग सात हज़ार लाभार्थी अपने पेंशन खाते से आधार सीडिंग नहीं करवा सके हैं और समाज कल्याण विभाग यह साफ़ कह चुका है कि यदि पेंशन खाते से आधार सीडिंग नहीं करवाई जाती तो लाभार्थियों की पेंशन खुद ब खुद बंद हो जाएगी.

Continues below advertisement

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों कहना है कि आधार सीडिंग मात्र एक तकनीक भर नहीं है बल्कि इससे असली लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाती है. इस प्रक्रिया से फर्जी और डुप्लीकेट पेंशन एकाउंट्स पर लगाम लगने का काम होता है और पेंशन का पैसा सही व्यक्ति के खाते में पहुंचता है,  साथ ही पेंशन की प्रक्रिया और ज़्यादा पारदर्शी बनती है.

यह भी पढ़ें: अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत, डिवाइडर से टकराई कार

Continues below advertisement

विभाग ने ढील देने से किया इंकार 

विभाग ने इस बार किसी भी तरह की ढील देने से साफ़ इनकार कर दिया है. अधिकारियों को कहना है कि किसी भी प्रकार से कोई विशेष ढील नहीं दी जाएगी और जिन लोगों को आधार खाते से लिंक नहीं होंगे उनकी पेंशन आपने आप रोक दी जाएगी. 

आखिर क्या है चुनौती ?

दरअसल मामला यह है कि जिन सात हजार लोगों का रिकॉर्ड अभी अधूरा है, उसमें से ज्यादातर वे बुजुर्ग हैं जो तकनीकी जानकारी और इंटरनेट तक पहुंच ना होने की वजह से इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं.  यदि ये सभी बुजुर्ग जल्द अपनी आधार सीडिंग नहीं करवा पाते हैं तो इनकी पेंशन रुक जाएगी जोकि इनकी आय का एक मुख्य स्रोत है. 

हालांकि बैंक लगातार ऐसे खाता धारकों को जागरूक कर रहा है और उनसे जल्द से जल्द अपना आधार लिंक करवाने की अपील भी कर रहा है. बावजूद इसके अभी स्थिति पूरी तरह शत-प्रतिशत नहीं बन पा रही है. इसके अलावा पेंशनर्स के परिजनों को भी इस संबंध में सूचित किया जा रहा है कि वे सहायता करें ताकि होने वाली दिक्कतों से बचा जा सके.

यह भी पढ़ें: 3 साल, 4 मौत, कानून से लेकर कुदरत तक... बिखरा अतीक अहमद का कुनबा