Dehradun News: आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई है. इस बैठक में आज कई प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की पहली योग नीति को मंजूरी मिलना है. योग नीति के जरिए प्रदेश के पांच क्षेत्रों को योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इसी के साथ ही राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपए लोन देना का निर्णय भी लिया है. राज्य में 10 करोड़ रुपए तक के विभागीय कार्यों को स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाएगा, हर श्रेणी में स्थानीय ठेकेदारों के काम करने की सीमा बढ़ाई गई, स्थानीय लोगों और स्थानीय उत्पादों पर विशेष जोर दिया गया है.

कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड मेगा एवं इंडस्ट्रियल नीति 2025 को  मंजूरी मिली है.  अगले पांच सालों के लिए नीति बनाई गई है. उद्योगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. उद्योग लगाने के लिहाज से प्रदेश को चार कैटेगरी में बांटा गया है. उत्तराखंड विष कब्जा और विक्रय नियमावली में संशोधन किया गया है. इस नियमावली में मिथाइल अल्कोहल को भी शामिल किया गया है.

उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 में संशोधनवहीं राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग राजपत्रित नियमावली 2019 में संशोधन किया गया, राज्य बाढ़ सुरक्षा का वार्षिक प्रतिवेदन को सदन में रखने पर मंजूरी मिली है. उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 बनाए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है. उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 1978 की जगह नई नियमावली बनेगी. उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 में संशोधन किया गया. उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचे में संशोधन किया गया.

योगा नीति को मिली कैबिनेट की मंजूरीबैठक में योगा नीति 2025 को मंजूरी मिली है, इसके तहत पांच नए योग हब स्थापित किए गए जाएंगे. इसके अलावा आज धामी कैबिनेट ने अटल आयुष्मान योजना को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है.  बता दें कि राज्य की धामी सरकार ने स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पतालों को होने वाले भुगतान में विभाग को आ रही दिक्कत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपए बतौर लोन देने को मंजूरी दी है. इसके जरिये अस्पतालों को भुगतान किया जा सकेगा,  इसके साथ ही देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए रहने खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी. साथ ही सीएसआर फंड के जरिए निर्माण करवाया जाएगा.

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