पश्चिम एशिया में उथल-पुथल की खबरें आते ही उत्तराखंड के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की अग्रिम बुकिंग का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने आपूर्ति व्यवस्था पर जरूरत से ज्यादा दबाव बना दिया. हालत यह है कि शहरी इलाकों में सिलेंडर पहुंचने में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है जबकि असल में गैस की कोई कमी नहीं है.

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सोमवार को पीआईबी देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने यह बात खुलकर कही. उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल करीब सात दिनों का बैकलॉग जरूर है, लेकिन इसकी वजह आपूर्ति की कमी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की घबराहट में की गई बुकिंग है.

घबराहट ने बिगाड़ा संतुलन

मार्च 2026 में उत्तराखंड में एलपीजी की औसत आपूर्ति प्रतिदिन करीब 65,000 सिलेंडर थी. अब यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन रह गई है. गैर-घरेलू श्रेणी में तो हालत और भी तीखी है — जहां पहले रोजाना 5,000 सिलेंडर जाते थे, वहां अब महज 2,600 की आपूर्ति हो पा रही है. 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर, जो ढाबों और छोटे होटलों की जान हैं, उनकी सप्लाई 800 से घटकर 250 प्रतिदिन पर आ गई है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, 29 मार्च से 4 अप्रैल के बीच राज्यभर में करीब 2.95 लाख बुकिंग दर्ज हुईं, जबकि डिलीवरी 2.50 लाख की हो सकी. यह अंतर ही बैकलॉग की असली जड़ है.

पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य

जिन लोगों को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका सता रही थी, उनके लिए राहत की खबर यह है कि पूरे राज्य में 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से चल रहे हैं. इंडियन ऑयल के 431, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 254, भारत पेट्रोलियम के 214, नायरा के 51 और रिलायंस के 28 पंप बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं. पेट्रोल की उपलब्धता में 2 फीसदी और डीजल में 6 फीसदी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है.

चारधाम यात्रा की तैयारी, मांग का अनुमान केंद्र को भेजा

अप्रैल के अंत से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के मद्देनजर आईओसीएल ने केंद्र सरकार को एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ी हुई मांग का अनुमान पहले ही भेज दिया है. यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे और धर्मशालाएं बड़ी मात्रा में गैस की खपत करते हैं, इसलिए यह तैयारी जरूरी भी थी.

सीएनजी और पीएनजी का विस्तार जारी

राज्य में पांच सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां — देहरादून में गेल गैस, उधम सिंह नगर में आईओसी-अडानी गैस, हरिद्वार में एचएनजीपीएल और नैनीताल में एचपीसीएल — बिना किसी बाधा के काम कर रही हैं. सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति सुचारू है.

मार्च 2026 से अब तक 1,388 नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं और राज्य में कुल पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है. 3.6 लाख कनेक्शन स्थापित और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी विस्तार की रफ्तार उत्साहजनक है.

कालाबाजारी पर कसी नकेल

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे पड़ चुके हैं. इनमें 16 एफआईआर दर्ज हुई हैं, 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 16 नोटिस जारी किए गए हैं. तेल विपणन कंपनियों ने भी 130 एलपीजी और 259 रिटेल आउटलेट का स्वतंत्र निरीक्षण किया है.

डिलीवरी में हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) प्रणाली को तेजी से लागू किया गया है. फरवरी में जहां सिर्फ 53 फीसदी डिलीवरी इस कोड के जरिए होती थी, वह अब 90 फीसदी तक पहुंच गई है — यानी सिलेंडर सही हाथों तक पहुंच रहा है.

अफवाहों से रहें सतर्क

सोशल मीडिया पर तेल संकट को लेकर जो अफवाहें फैल रही हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है. राज्य सरकार ने इसके लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं, जहां नागरिक किसी भी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं. गुप्ता ने नागरिकों से अपील की कि सिलेंडर की बुकिंग उतनी ही करें जितनी जरूरत हो. ऑनलाइन बुकिंग को प्राथमिकता दें, वितरकों के पास बिना जरूरत के न जाएं, और जहां सीएनजी या पीएनजी उपलब्ध है वहां उसका इस्तेमाल करें.