पिथौरागढ़ में बल्ला थामकर CM धामी ने किया स्टेडियम का उद्घाटन, खिलाड़ियों संग खेला क्रिकेट
Uttarakhand News In Hindi: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार (7 मई) को पिथौरागढ़ के सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम में क्रिकेट पिच पर उतरकर, छह गेंदों खेलते हुए मैदान का उद्घाटन किया.

नेता अक्सर उद्घाटन करते हैं, फीता काटते हैं, तालियां बजती हैं और काफिला आगे बढ़ जाता है. लेकिन गुरुवार (7 मई) को पिथौरागढ़ के सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम में कुछ अलग हुआ. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रिकेट मैदान का उद्घाटन करने के लिए न कोई फीता काटा, न कोई औपचारिक भाषण से शुरुआत की बल्कि सीधे क्रिकेट पिच पर उतरे, बल्ला थामा और छह गेंदों का पूरा ओवर खेला.
मैदान के उद्घाटन का अंदाज एकदम अलग
वल्दिया स्टेडियम का यह क्रिकेट मैदान अब उच्चीकृत होकर नए रूप में तैयार है. मुख्यमंत्री ने इसे जनपदवासियों को समर्पित किया. लेकिन जो बात इस पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाती है, वह थी मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के बीच घुल-मिल जाना. क्रिकेट के बाद वे फुटबॉल और हॉकी में भी युवाओं के साथ मैदान पर उतरे. पहाड़ के इस छोटे से शहर के खिलाड़ियों के लिए यह पल निश्चित रूप से कुछ खास रहा होगा.
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शपथ के वक्त युवाओं को दिया नशे के खिलाफ संदेश
मैदान की रौनक के बीच मुख्यमंत्री ने एक गंभीर मुद्दे को भी छुआ. उन्होंने वहां मौजूद तमाम युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई. यह महज एक रस्म नहीं थी, बल्कि धामी ने युवाओं से सीधे बात करते हुए कहा कि खेल और नशा साथ नहीं चल सकते. खेल जहां अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना सिखाता है, वहीं नशा इन सब चीजों को धीरे-धीरे खोखला कर देता है. उन्होंने युवाओं को राज्य में चल रहे नशा विरोधी अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की राह खेल के मैदान से होकर गुजरती है.
9 खिलाड़ी सम्मानित, फ्लड लाइट का ऐलान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौ खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया. इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा कि की इस क्रिकेट मैदान में चारों तरफ फ्लड लाइट लगाई जाएगी. इसका मतलब है कि अब पिथौरागढ़ के खिलाड़ी शाम ढलने के बाद भी अभ्यास कर सकेंगे जो पहाड़ी इलाकों में एक बड़ी सुविधा है.
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नई खेल नीति के तहत उभरते खिलाड़ियों को हर संभव मदद दी जा रही है. उन्होंने खेल महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से गाँवों और दूरदराज के इलाकों में छिपी प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, जिन्हें पहले कोई मंच नहीं मिलता था. उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प उन्होंने एक बार फिर दोहराया और कहा कि खेल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने का काम पिथौरागढ़ सहित पूरे प्रदेश में जारी है.
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