पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच जब देशभर में एलपीजी और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर आम लोगों में बेचैनी बढ़ी, तो उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को साफ कर दिया कि प्रदेश में न गैस की कमी है, न राशन की. पीआईबी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अपर आयुक्त श्री पी.एस. पांगती ने एक-एक आंकड़े के साथ यह भरोसा दिलाया कि हालात पूरी तरह काबू में हैं.

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अपर आयुक्त पांगती ने बताया कि 1 मार्च 2026 से अब तक प्रदेश में 18 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर घर-घर पहुंचाए जा चुके हैं. अस्पताल हों या स्कूल-कॉलेज सभी संस्थानों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है. एक अहम राहत की बात यह रही कि जो पैनिक बुकिंग 15 मार्च को 90 हजार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, वह 6 अप्रैल तक घटकर 45 हजार पर आ गई है. यानी लोगों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है.

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एसओपी तय

चारधाम यात्रा और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडरों के वितरण के लिए एक स्पष्ट एसओपी जारी की है. इसके तहत होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबा, गेस्ट हाउस, होम स्टे, पेइंग गेस्ट और विवाह समारोहों को रोज़ाना 6,310 कमर्शियल सिलेंडर वितरित किए जाएंगे.

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इसके अलावा मुख्य सचिव की ओर से भारत सरकार को यह मांग भेजी जा चुकी है कि अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यावसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत मिलता रहे और ऊपर से 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा भी दिया जाए.

प्रवासी मजदूरों और छात्रों को मिलेगा 'छोटू' सिलेंडर

जो लोग किराए पर रहते हैं-चाहे वे प्रवासी मजदूर हों या दूर-दराज से पढ़ने आए छात्र-उनके लिए 5 किलो का छोटू सिलेंडर (फ्री ट्रेड एलपीजी) किसी भी गैस एजेंसी पर पहचान पत्र दिखाकर लिया जा सकता है. राज्य में अब तक ऐसे 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे जा चुके हैं.

14 लाख परिवारों को एक साथ तीन महीने का राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अंत्योदय और प्राथमिक राशन कार्ड धारकों को इस बार अप्रैल माह में ही अप्रैल, मई और जून — तीनों महीनों का अनाज एक साथ दिया जा रहा है. प्रदेश के 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवार अपने नजदीकी गल्ला केंद्र से यह राशन ले सकते हैं.

PNG विस्तार पर युद्धस्तर पर काम

पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी को घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम भी तेज़ है. फिलहाल प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू है. देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas, हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL — ये चार कंपनियां इस काम में जुटी हैं. CNG और औद्योगिक PNG की आपूर्ति में भी कोई बाधा नहीं है.

जमाखोरों पर नकेल, 19 FIR, 7 गिरफ्तार

जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अब तक 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे जा चुके हैं. इन कार्रवाइयों में 19 एफआईआर दर्ज हुई हैं, 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 16 को नोटिस जारी किए गए हैं.