Uttarakhand Kranti Dal Attack on BJP-congress: उत्तराखण्ड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि, भाजपा-कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की हैसियत हाईकमान के मुनीम से ज्यादा नहीं है. उन्होंने कहा कि उक्रांद 2022 में मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी. पत्रकारों से वार्ता करते हुए उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उक्रांद का मुख्य एजेंडा मूल निवास लागू करना, गैरसैण राजधानी बनाना, उत्तराखंड में स्थापित किसी भी प्रोजेक्ट में 80 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देना, हर परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी, सशक्त भू-कानून लागू करना, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल उपलब्ध कराना है.
भाजपा पर आरोप
उन्होंने कहा कि, सशक्त भू कानून न होने से बाहर से यहां आ रहे लोग जमीनों की खरीद-फ़रोख्त कर रहे हैं. भाजपा सरकार ने जमीन को कौड़ियों से भाव बेचने के किये कानून बना दिये हैं.
बाहर के लोग नौकरियों पर डाल रहे हैं डाका
उन्होंने कहा कि, मूल निवास लागू न होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है. स्थायी निवास होने से अधिकतर बाहर के लोग नौकरियों पर डाका डाल रहे हैं. उन्होंने भाजपा-कांग्रेस को मौसेरे भाई की संज्ञा देते हुए कहा कि, आज तक दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने एक भी घोटाले का पर्दाफाश नहीं किया. दोनों पार्टियां बारी-बारी से उत्तराखण्ड को लूट रही हैं. इस बार जनता को इन्हें सबक सिखाना चाहिए. एक मौका क्षेत्रीय पार्टी को भी मिलना चाहिए, जिसने इस राज्य का निर्माण किया है. इस मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष ललित बिष्ट, केंद्रीय कार्यालय प्रभारी किशन मेहता आदि मौजूद थे.
उक्रांद को दिवंगत नेताओं की कमी खलती रहेगी
केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने उक्रांद के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आंदोलनकारी स्वर्गीय अवतार सिंह राणा के गांव रूमसी पहुँचकर परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. साथ ही स्वर्गीय अवतार सिंह राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने स्वर्गीय नरेन्द्र सिंह नेगी के गांव बीरों-बष्टी पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की.
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अवतार सिंह राणा और नरेंद्र नेगी के निधन से दल को अपूरणीय क्षति हुई है. वे हमेशा दल के प्रति समर्पित रहे. दल को हमेशा उनकी कमी खलती रहेगी. उन्होंने दिवंगत वरिष्ठ आन्दोलनकरी गंगाधर सेमवाल, बालेश्वर डंगवाल, दर्शन बिष्ट को भी याद किया और कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं के असमय चले जाने से दल और समाज को नुकसान हुआ है. इन सभी का एक बेहतर उत्तराखंड बनाने का सपना था. जिसे अब हम सभी को मिलकर साकार करना है.
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