उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में इस बार ढिकाला और झिरना पर्यटन जोन पर्यटकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय बनकर उभरे है. बाघों की बेहतर साइटिंग और प्राकृतिक सुंदरता के कारण इन दोनों जोन में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली है. यही वजह है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन जोनों ने न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया, बल्कि पार्क के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025-26 में कार्बेट पार्क में कुल 4,00,946 पर्यटक पहुंचे. इनमें 3,89,997 भारतीय और 10,949 विदेशी पर्यटक शामिल हैं. हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 58,400 पर्यटक कम पहुंचे, फिर भी पार्क ने अपने राजस्व लक्ष्य को पार कर लिया. 

ढिकाला-झिरना जोन बने पर्यटकों की पसंद

इस दौरान पार्क को कुल 27.75 करोड़ रुपये की आय हुई, जो निर्धारित 26.67 करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक है. हालांकि यह आय पिछले वर्ष की तुलना में 2.05 करोड़ रुपये कम रही. कार्बेट पार्क में पर्यटकों की पहली पसंद हमेशा से जंगल सफारी और नाइट स्टे रही है. खासतौर पर ढिकाला और झिरना जोन में बाघों की अच्छी साइटिंग के चलते पर्यटकों का रुझान इन क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ा है. 

डे सफारी के लिए झिरना जोन सबसे अधिक लोकप्रिय रहा, जहां 84,725 बुकिंग दर्ज की गईं. यह आंकड़ा इस जोन की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है. वहीं नाइट स्टे के मामले में ढिकाला जोन ने बाजी मारी. यहां 15,118 बुकिंग दर्ज की गईं, जो इसे पर्यटकों के बीच सबसे पसंदीदा ठहरने वाला क्षेत्र बनाती हैं. ढिकाला का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को खास आकर्षित करता है.

कार्बेट पार्क में सफारी के लिए कई पर्यटन जोन संचालित हैं, जिनमें बिजरानी, गिरिजा, ढेला, झिरना, दुर्गादेवी, सोनानदी और वतनवासा शामिल हैं. हर जोन की अपनी अलग विशेषता है, लेकिन झिरना और ढिकाला ने इस बार खास पहचान बनाई है.

पर्यटन में बढ़ोतरी के लिए उठाए ख़ास कदम

पार्क प्रशासन लगातार नए प्रयास कर रहा है ताकि पर्यटकों की संख्या और राजस्व दोनों में वृद्धि हो सके. इसी दिशा में एलीफेंट सफारी की शुरुआत की गई है, जिससे पर्यटकों को जंगल का अलग अनुभव मिल सके. इसके अलावा वॉच टावर और फुल डे सफारी जैसी नई सुविधाओं पर भी काम चल रहा है.

कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार, पार्क के सभी जोन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन झिरना और ढिकाला जोन बाघों की अच्छी मौजूदगी के कारण पर्यटकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय हो गए हैं. उन्होंने बताया कि भविष्य में भी पार्क में सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे.

कुल मिलाकर, कार्बेट नेशनल पार्क में ढिकाला और झिरना जोन ने अपनी खास पहचान बना ली है. बाघों के दीदार, प्राकृतिक सुंदरता और बेहतर सुविधाओं के चलते ये जोन पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है.

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