उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. आईएमडी ने 27 जुलाई शाम 7:06 बजे से 28 जुलाई सुबह 10:06 बजे तक राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. 

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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी संबंधित जिलों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही आज कक्षा 1 से 12 वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है.

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अगले 15 घंटे सबसे ज्यादा संवेदनशील

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 15 घंटों के दौरान चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी जिलों के कई क्षेत्रों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की आशंका है. पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, सोनप्रयाग, थराली, नंदा देवी पर्वत क्षेत्र, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, जसपुर, रुद्रपुर और खटीमा समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.

9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

27 जुलाई को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.

28 और 29 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 जुलाई को भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं बढ़ने की आशंका जताई गई है. वहीं निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है.

चारधाम यात्रा और पहाड़ी मार्गों पर बरतें सावधानी

लगातार बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम का ताजा अपडेट लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित मार्गों से दूर रहने की सलाह दी है.

प्रशासन अलर्ट मोड पर

राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र ने सभी जिलों को राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही स्थानीय प्रशासन को सड़क बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और लोगों तक समय पर सूचना पहुंचाने को कहा गया है.

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