Uttarakhand News: उत्तराखंड (Uttarakhand) में तीन मई से चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) की विधिवत शुरुआत हो जाएगी. चारधाम यात्रा के शुभारंभ होने में एक माह से भी कम का समय बाकी है. इस बार संभावना है कि चार धामों में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचेंगे. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) भी अपनी तैयारियों में जुट गया है. स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर तैयारियां पुख्ता हैं. 

यात्रा के लिए चारों धाम के समीप अस्पताल तैयार किये गये हैं. केदारनाथ और बद्रीनाथ में चार-चार बेड्स के अस्पताल तैयार किये गये हैं. गंगोत्री और यमुनोत्री में भी दो-दो बेड के अस्पताल मंदिर परिसर के समीप तैयार किये गये हैं. इन अस्पतालों में विशेष सुविधाएं रखी गई हैं. चारों धाम में जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस की सुविधाएं हैं. इसके लिए उपाय किए गए हैं. 

क्या है व्यवस्था

  • रुद्रप्रयाग जिले में 108 की छह और विभागीय आठ एम्बुलेंस है
  • चमोली जिले में 108 की 17 और विभागीय 14 एम्बुलेंस है
  • उत्तरकाशी जिले में 108 की 14 और विभागीय 15 एम्बुलेंस है

क्या है डॉक्टरों की व्यवस्थास्वास्थ्य निदेशालय का कहना है कि चारधामों में मेडिकल रिलीफ कैंप तैयार किए गए हैं. फाटा और सोनप्रयाग में एक-एक बेस कैंप बनाया जा रहा है. यात्रा में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य चेकअप के लिए फिजिशियन और ऑर्थोपेडिक डॉक्टर्स की ड्यूटियां रहेंगी. पंद्रह-पंद्रह दिनों के रोटेशन पर एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम चारों धाम में रहेगी. 

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क्या-क्या है सुविधाकोविड के दौरान की गई स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां चार धाम यात्रा के दौरान फायदा देंगी. इस बार विभाग के पास जहां एक ओर पर्याप्त मेडिसन होंगी. वहीं पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलेंडर भी रहेंगे. कोविड के दौरान पहाड़ों के अस्पतालों में भी अच्छी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश हुई थी. ऐसे में चारधाम के तीन जिले रूद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के नजदीकी अस्पतालों का भी लाभ चारधाम यात्रा में पहले से बेहतर मिलने की उम्मीद है.

रिकॉर्ड हुई बुकिंगपिछले दो सालों में कोविड ने चारधाम यात्रा को पूरी तरह से प्रभावित किया. इस बार कोरोना संक्रमण दर बहुत कम हो चुकी है. ऐसे में चारधाम आने वाले यात्रियों की तादाद बड़ी होगी. ये उम्मीद जताई जा रही है. हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग को ही देखें तो कुछ ही घंटों में हजारों बुकिंग इस बात की ओर इशारा करती हैं कि संख्या बेहद ज्यादा होगी. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां भी उतनी ही बढ़ जाती हैं. देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के दावे हकीकत में कितने धरातल पर यात्रा के दौरान दिखाई देते हैं. 

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