Waqf Amendment Act: उत्तराखंड के हरिद्वार में वक्फ संशोधन कानून को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग बुधवार को एसडीएम चौक पर इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रदर्शनकारियों ने बिल को मुस्लिम विरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की. वहीं इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन बेदी का भी खुला समर्थन मिला. माहौल गरमाता देख प्रशासन अलर्ट हो गया और कलियर की ओर बढ़ रही भीड़ को मौके पर ही रोक लिया गया. 

मुस्लिम सेवा संगठन के नेतृत्व में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नईम कुरैशी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार संविधान के खिलाफ जाकर देश में बंटवारे की राजनीति कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बिल के जरिए सरकार मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रही है. वहीं उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह बिल वापस नहीं लिया गया तो मुस्लिम समाज देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ेगा. उन्होंने इसे सिर्फ मुस्लिम विरोधी ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया. 

कलियर जाने पर अड़े प्रदर्शनकारीप्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन की मुश्किलें उस वक्त बढ़ गईं जब भीड़ कलियर की ओर जाने पर अड़ गई. मौके पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष कुमार मिश्रा, एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल और सीओ मंगलौर विवेक कुमार ने खुद लोगों को समझाने की कोशिश की. काफी मान-मनौवल के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें दर्ज करवाईं.

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने वक्फ क़ानून के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे. उनसे ज्ञापन ले लिया गया है. जो भी उसमें फिर आगे एक्शन लिया जाना है वो उच्च स्तर की प्रक्रिया है. मैं धन्यवाद बोलूंगा इन लोगों ने हमारी बात मानी और अब कोई अव्यवस्था वाली बात नहीं है. कलियर में इन्होंने इकट्ठा होने को लेकर कॉल किया था, लेकिन अब वहां किसी प्रकार का प्रदर्शन या विरोध नहीं हुआ. 

वहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज मुस्लिम संगठन के द्वारा वक्फ संशोधन कानून को लेकर एक विरोध और धरना प्रदर्शन किया गया है, उनके द्वारा मुझे एक ज्ञापन सौंपा गया है जो उचित माध्यम के द्वारा डीएम सर के ज़रिए आगे भेज दिया जाएगा. 

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