उत्तराखंड में शीतलहर और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खासकर मैदानी जिलों में ठंड का असर तेज होता जा रहा है. मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए हरिद्वार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर छह दिन का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है.
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र 5 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे. इस दौरान केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए केंद्र नहीं बुलाया जाएगा. जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास, हरिद्वार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल बच्चों के लिए रहेगा.
हालांकि, अवकाश अवधि के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को विभागीय कार्यों से मुक्त नहीं किया गया है. आदेश के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस अवधि में बीएचएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) समेत अन्य विभागीय दायित्वों का निर्वहन करती रहेंगी. इधर, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में घने कोहरे के चलते शीत दिवस जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है. सुबह और देर रात कोहरा छाए रहने से दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिलों में भी घना कोहरा छा सकता है. वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में पाला गिरने से ठिठुरन और सूखी ठंड लोगों को परेशान कर सकती है. हालांकि, मौसम शुष्क रहने के कारण दिन के तापमान में अधिक गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंड का प्रकोप जारी रहेगा. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है.