उत्तराखंड सरकार की डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस सिस्टम पर शनिवार को एक बड़ा साइबर हमला (Cyber Attack) हुआ है. इस रैनसमवेयर (Ransomware) हमले के चलते मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) समेत 20 से अधिक सरकारी वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल प्रभावित हो गए.

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करीब 15 घंटे तक कई विभागों की ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं, जिससे आम जनता के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (ITDA) और तकनीकी विशेषज्ञों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित सिस्टम को सुरक्षित कर लिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है.

हमले की मुख्य बातें 

  • CM हेल्पलाइन, CM रिलीफ फंड समेत 20 से अधिक सरकारी वेबसाइट और पोर्टल इस हमले की चपेट में आए.
  • सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित सर्वर को मुख्य नेटवर्क से तुरंत अलग (Isolate) कर दिया गया.
  • आम लोगों के प्रमाणपत्र, शिकायत, आवेदन और कई अन्य ऑनलाइन सेवाएं घंटों तक प्रभावित रहीं.
  • ITDA ने अब अधिकांश सेवाएं बहाल कर दी हैं और फोरेंसिक जांच जारी है.

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सुरक्षा के लिए सर्वर को किया गया अलग प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला राज्य डेटा सेंटर (State Data Centre) पर हुआ. रैनसमवेयर अटैक का पता चलते ही तकनीकी जांच टीम ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित सर्वर को तत्काल मुख्य नेटवर्क से अलग कर दिया, ताकि यह वायरस अन्य सिस्टम तक न फैले. इसी एहतियाती कदम के कारण शनिवार देर रात तक कई वेबसाइट और पोर्टल काम नहीं कर सके.

2024 के बड़े साइबर हमले की ताजा हुईं यादें

यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड की सरकारी डिजिटल व्यवस्था हैकर्स के निशाने पर आई है. इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा साइबर हमला सामने आया था, जिसमें CM हेल्पलाइन समेत करीब 90 सरकारी वेबसाइटें कई दिनों तक ठप रही थीं. उस घटना के बाद राज्य डेटा सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और बैकअप सिस्टम को अपग्रेड किया गया था, इसके बावजूद इस नए हमले ने सरकारी साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

क्या होता है रैनसमवेयर (Ransomware)?

रैनसमवेयर एक बेहद खतरनाक मैलवेयर या साइबर हमला है. इसमें हैकर किसी कंप्यूटर या सर्वर के डेटा को एन्क्रिप्ट (लॉक) कर देते हैं. इसके बाद डेटा को दोबारा खोलने (डिक्रिप्ट करने) के बदले फिरौती (Ransom) की मांग की जाती है. कई बार हैकर्स संवेदनशील डेटा चुराकर उसे सार्वजनिक करने की धमकी भी देते हैं.

बचाव के प्रभावी उपाय

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हमलों से बचने के लिए संस्थानों और आम लोगों को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  • नियमित और सुरक्षित डेटा बैकअप रखना.
  • समय-समय पर सॉफ्टवेयर और सिस्टम अपडेट करना.
  • मजबूत एंटीवायरस और एंडपॉइंट सुरक्षा का उपयोग.
  • मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) लागू करना.
  • संदिग्ध ई-मेल और अज्ञात लिंक्स पर क्लिक करने से बचना.

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