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उत्तराखंड सरकार बाहरी वाहनों से वसूलेगी ग्रीन सेस, कौन सी गाड़ी को कितना देना होगा पैसा? जानें

आलोक सेमवाल, देहरादून   |  धीरज गुप्ता  |  14 Feb 2026 05:51 PM (IST)

Uttarakhand Green Cess: छोटी निजी गाड़ियों से 80 रुपये, 12 सीटों से बड़ी बसों से 140 रुपये और सात एक्सल वाले भारी वाहनों से 700 रुपये तक ग्रीन सेस वसूला जाएगा.

उत्तराखंड सरकार बाहरी वाहनों से वसूलेगी ग्रीन सेस, कौन सी गाड़ी को कितना देना होगा पैसा? जानें

उत्तराखंड सरकार बाहरी वाहनों पर लगाएगी ग्रीन सेस

उत्तराखंड सरकार दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों से 'ग्रीन सेस' वसूलेगी, राज्य के 15 सीमावर्ती इलाकों पर बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों से वसूले जाने वाले ग्रीन सेस की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. सरकार का अनुमान है कि इस टैक्स से सालाना करीब 100 करोड़ रुपये की कमाई होगी. दरअसल, यह एक तरह का पर्यावरण टैक्स है, जो दूसरे राज्यों की व्यावसायिक और निजी गाड़ियों से लिया जा रहा है. इसके पीछे सरकार का मकसद साफ है - राज्य के पर्यावरण को बाहरी वाहनों से होने वाले प्रदूषण से बचाना. यानी जो प्रदूषण फैलाएगा, वही इसकी भरपाई भी करेगा. उत्तराखंड हिमालय की गोद में बसा एक संवेदनशील राज्य है. यहां की पहाड़ियां, घाटियां और जंगल बेहद नाजुक हैं. बाहर से आने वाली हजारों गाड़ियों का धुआं और सड़कों पर लगातार बढ़ता दबाव यहां के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है. खासकर पर्यटन सीजन में तो गाड़ियों का तांता लग जाता है. ग्रीन सेस के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि राज्य में घुसने वाला हर वाहन मालिक पर्यावरण की सुरक्षा में अपना योगदान दे.

प्रदेश के 15 जगहों पर लागू किया जाएगा ग्रीन सेस

अभी तक उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक चारधाम यात्रा और पर्यटन पर टिकी हुई है. अब सरकार नए राजस्व के रास्ते तलाश रही है. फिलहाल नारसन बॉर्डर पर यह टैक्स लिया जा रहा था, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में 15 जगहों पर लागू किया जाएगा. इससे राज्य की माली हालत मजबूत होगी.

कौन सी गाड़ी को कितना देना होगा पैसा?

जानकारी के मुताबिक, छोटी निजी गाड़ियों से 80 रुपये, 12 सीटों से बड़ी बसों से 140 रुपये और सात एक्सल वाले भारी वाहनों से 700 रुपये तक ग्रीन सेस वसूला जाएगा. दरें इस तरह तय की गई हैं कि आम यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े. हालांकि,  इस टैक्स से सरकारी वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पूरी तरह फ्री रहेंगी ,दोपहिया और तिपहिया वाहनों से भी कोई टैक्स वसूल नहीं किया जाएगा. वहीं सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी छूट मिलेगी, ताकि पर्यावरण के अनुकूल वाहनों की तरफ यात्रियों की रूचि बढ़ सके.

ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन

आरटीओ देहरादून संदीप सैनी के मुताबिक, चारधाम यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए जरूरी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो रही है. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और धांधली की गुंजाइश खत्म होगी. नई व्यवस्था में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन से लेकर शुल्क भुगतान तक सब कुछ ऑनलाइन होगा. एसएमएस या व्हाट्सएप पर मिले लिंक से लोग अपना ग्रीन कार्ड प्रिंट भी कर पाएंगे. पेमेंट के लिए बैंकिंग की झंझट खत्म - अब क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे भुगतान हो जाएगा. हालांकि, पहली बार वाहन की तकनीकी फिटनेस और भौतिक जांच के लिए परिवहन कार्यालय में गाड़ी लानी होगी. इसके बाद सब कुछ डिजिटल हो जाएगा. यह कदम न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा.

Published at: 14 Feb 2026 05:39 PM (IST)
Tags:dehradun newsUTTARAKHAND NEWS
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