देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने अपनी कोरोना गाइडलाइन्स को संशोधित किया है. कोरोना को लेकर जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के मुताबिक शादियों और अन्य कार्यों में 50 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे. जिला मजिस्ट्रेटों को कोरोना की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी गई है.
हुई सर्वदलीय बैठक बता दें कि, उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को सभी दलों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की थी. सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी और बसपा के नेताओं के अलावा सभी दलों के नेता शामिल थे. आम आदमी पार्टी और बसपा का कहना है कि इस बैठक में उन्हें बुलाया नहीं गया था.
विपक्षी दलों ने क्या कहा बैठक के दौरान कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर चर्चा हुई. विपक्षी दलों के नेताओं ने भी अपने सुझाव रखे थे. विपक्षी दलों की तरफ से कहा गया कि प्रदेश में कोविड अस्पताल बढ़ाए जाएं और ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जाए. विपक्षी नेताओं ने दवाइयों की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाने की बात कहते हुए कहा था कि किसी भी हाल में आईसीयू, वेंटिलेटर की कमी न होने पाए. उन्होंने ये भी कहा था कि बाहर से लौटने वाले प्रवासीयों की आजीविका को लेकर रणनीति भी बनाई जानी चाहिए.
ये हुए निर्णय बैठक में इस बात को लेकर फैसला हुआ था कि सरकारी कार्यालयों के बंद रहने की अवधि में तीन दिन का इजाफा किया जाएगा. अब बुधवार तक प्रदेश के सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे. शराब की दुकानें भी अब दोपहर दो बजे बंद होंगी.
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