उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया कि प्रदेश के विकास कार्यों और जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. मंगलवार (7 अप्रैल) को सचिवालय में पांच विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं को लेकर समीक्षा बौठक की. इनमें थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र शामिल रहे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का खास ध्यान रखा जाए.

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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर इलाज और आपातकालीन स्थिति में हेली एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.

क्या रही समीक्षा बैठक की अहम बातें?

मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, उनमें फाइलें न फंसाई जाएं. यदि किसी विभाग की लापरवाही से कार्य में अनावश्यक विलंब होता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी. इसके साथा ही उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधायकों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विभागीय सचिवों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय ही विकास की गति को बढ़ा सकता है.

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आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा. उन्होंने होटल एसोसिएशन के साथ समन्वय बनाकर वाणिज्यिक सिलेंडरों से जुड़ी समस्याओं को हल करने के भी निर्देश दिए. वर्षाकाल की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को मानसून पूर्व व्यापक समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित संवेदनशील कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए.

 वन विभाग के लंबित मामलों की होगी अलग से समीक्षा

इसके अलावा बैठक में यह बात सामने आई कि कई विकास कार्य वन विभाग की क्लीयरेंस न मिलने के कारण रुके हुए हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से गहन समीक्षा की जाए ताकि अटके हुए प्रोजेक्ट्स को गति मिल सके. मुख्यमंत्री  धामी ने कहा, "जन समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर समस्याओं को हल करें."