चमोली जिले के विकासखंड पोखरी क्षेत्र में घास लेने गई एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई. पाव गांव की 42 वर्षीय रामेश्वरी बुधवार को सुबह घास लेने जंगल गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी. देर रात तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा बढ़ने और जंगल में खतरा होने के चलते खोज को रोकना पड़ा.

Continues below advertisement

गुरुवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने दोबारा तलाश शुरू की. कुछ दूरी पर घने जंगल में एक पेड़ के सहारे लेटी हुई रामेश्वरी गंभीर घायल अवस्था में मिली. उसका चेहरा लहूलुहान था और मुंह पर भालू के हमले के गहरे निशान साफ दिखाई दे रहे थे. बताया जा रहा है कि भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई. हमले के दौरान रामेश्वरी किसी तरह भालू के चंगुल से बचकर पास के एक पेड़ के नीचे छिप गई और पूरी रात वहीं पड़ी रही.

महिला के चेहरे पर हैं घाव के गहरे निशान

गंभीर हालत में मिलने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, चेहरे पर गहरे घाव हैं और हालत चिंताजनक बनी हुई है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण और नियमित गश्त की मांग की है.

Continues below advertisement

वन विभाग ने शुरू की मामले जांच

वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के जंगलों में भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. घटना ने एक बार फिर जंगल क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उत्तराखंड में पहले भी वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों के रहवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ कर दिये हैं.

UP विधानसभा चुनाव से पहले होंगे उपचुनाव? सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद खाली हुई घोसी सीट