उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदा नगर ब्लॉक के कुतरी गांव में फली इलाके में अचानक जमीन फटने की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी. इस हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 35 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने से यह घटना हुई, जिससे क्षेत्र में भूस्खलन और आपदा का खतरा और गहरा गया है. मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में स्थिति और चिंताजनक हो गई है.

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक  कुतरी गांव के फली इलाके में जमीन में दरारें पड़नी शुरू हुईं, जो देखते ही देखते बड़ी-बड़ी दरारों में तब्दील हो गईं. इस घटना से दहशत फैल गई, और लोग अपने घरों से बाहर निकल गए. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ गई, जिससे यह हादसा हुआ. जिला प्रशासन ने तुरंत आपदा प्रबंधन टीम को सक्रिय किया और 35 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

भारी बारिश और रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. इससे चमोली जैसे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, जमीन धंसने और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ गया है. चमोली जिला आपदा की दृष्टि से पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, जहां पिछले कुछ सालों में भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाएं आम हो गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान हो रही ये घटनाएं पहाड़ की नाजुक भूगर्भीय संरचना की ओर इशारा करती हैं, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता.

लोगों में दहशत, प्रशासन सतर्क

जमीन फटने की इस घटना के बाद ग्रामीण अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और आपदा की आशंका से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन लोग इस बात से नाराज हैं कि आपदा के बाद थोड़ी सक्रियता दिखाने के बाद अक्सर सारी तैयारियां भुला दी जाती हैं. चमोली में लगातार बारिश से पहले से ही परेशान लोग अब इस घटना से और चिंतित हैं.