गैरसैंण (भराड़ीसैंण) की वादियों में उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन सियासी सरगर्मियों से भरा रहा. गुरुवार सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बजट को लेकर तकरार के साफ संकेत मिलने लगे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने का दावा किया, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सत्र की अवधि बढ़ाने के भी स्पष्ट संकेत दे दिए.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार सदन चलाने से कतरा रही है. सत्र विस्तार पर सीएम ने साफ किया कि यदि चर्चा के लिए समय कम पड़ता है, तो सत्र को शनिवार तक चलाया जा सकता है. उन्होंने प्रस्ताव रखा कि रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को भी सदन की कार्यवाही जारी रखी जा सकती है.
'गैरसैंण केवल स्थान नहीं, पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में भावुक होते हुए कहा कि गैरसैंण केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक है. उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार ने ही यहां सबसे अधिक सत्र आयोजित किए हैं.
'गोल्डन कार्ड पर 771 रुपये करोड़ खर्च'
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जहाँ मंत्रियों ने अपने विभागों का लेखा-जोखा पेश किया. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 'गोल्डन कार्ड' योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा पर अब तक 771 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं.
भूकंप की आहट और सुरक्षा
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश के 500 संवेदनशील स्थानों पर भूकंप चेतावनी प्रणाली स्थापित की जानी है. इनमें से 169 स्थानों पर सिस्टम लग चुका है, जिस पर अब तक 115 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
विपक्ष ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
जहाँ सरकार बजट को विकासकारी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रक्रियात्मक आधार पर घेरने की तैयारी में है. विपक्ष का मुख्य आरोप यह है कि विधानसभा के नियमों के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर अलग-अलग दिनों में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने एक ही दिन में दोनों पर चर्चा कराकर खानापूर्ति करने की कोशिश की है.
आध्यात्मिक शुरुआत और सौहार्दपूर्ण झलकिया
सदन की तपिश के बीच सुबह का माहौल काफी शांत और आध्यात्मिक रहा. सदन में प्रवेश करने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की. एक सुखद तस्वीर सदन के बाहर भी दिखी, जहाँ सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और भाजपा विधायकों की कांग्रेस विधायकों के साथ अनौपचारिक मुलाकात हुई. राजनीति की इस गहमागहमी के बीच पक्ष-विपक्ष की यह शिष्टाचार मुलाकात लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को दर्शाती है.
आज की कार्यवाही का मुख्य केंद्र बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा रहने वाली है. देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष के तीखे सवालों का सामना कैसे करती है और क्या वाकई सत्र की अवधि को सोमवार तक बढ़ाया जाता है.
