उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ पौड़ी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है.
यह कार्रवाई उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजेश सिंह राजा कोली की शिकायत पर हुई है ,पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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पार्टी से निष्कासन के बाद अब मुकदमा
आशुतोष नेगी लंबे अरसे तक उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े रहे और पार्टी में केंद्रीय उपाध्यक्ष जैसे अहम पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. बीते करीब एक महीने पहले ही अनुशासनहीनता और अन्य कारणों का हवाला देते हुए यूकेडी ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. पार्टी से निकाले जाने के कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री को लेकर सामने आई इस पोस्ट और उस पर दर्ज एफआईआर ने प्रदेश के राजनीतिक हलकों में नई हलचल मचा दी है.
पहले भी विवादों से रहा है नाता
यह पहली बार नहीं है जब आशुतोष नेगी कानूनी कार्रवाई की जद में आए हों. इससे पहले मार्च 2024 में भी उन्हें एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था गौर करने वाली बात यह है कि उस वक्त भी शिकायतकर्ता राजेश सिंह राजा कोली ही थे और मुकदमा पौड़ी कोतवाली में ही दर्ज हुआ था.
अभी इस मामले पर आशुतोष नेगी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है, जबकि राज्य में सियासत तेज हो चुकी है. अब देखने वाली बात ये होगी कि पुलिस सिर्फ एफआईआर तक सीमित रहती है या इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करती है. अगर पुलिस एक्शन तेज करती है तो नेगी और उनके समर्थक अपनी प्रतिक्रिया जरुर देंगे. चुनावी साल में नेताओं के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस भी सावधानी बरत रही है.
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