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Uttarakhand News: अंकिता भंडारी केस में सरकार को घेरने की कोशिश नाकाम! विपक्ष की महापंचायत में नहीं जुटी भीड़

दानिश खान   |  धीरज गुप्ता  |  08 Feb 2026 04:39 PM (IST)

Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर महापंचायत बुलाई गई थी. हालांकि, इस महापंचायत में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई.

Uttarakhand News: अंकिता भंडारी केस में सरकार को घेरने की कोशिश नाकाम! विपक्ष की महापंचायत में नहीं जुटी भीड़

अंकिता भंडारी केस को लेकर महापंचायत

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन यह प्रयास जमीन पर काम नहीं कर पाया. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाने की विपक्ष की रणनीति फेल होती दिखाई पड़ रही है. देहरादून के परेड ग्राउंड में बुलाई गई “महापंचायत” में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. अंकिता भंडारी केस को लेकर विपक्षी दल लंबे समय से सरकार को घेरने और चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे हैं. मगर, परेड ग्राउंड में आयोजित महापंचायत में पहुंची भीड़ ने विपक्षी खेमे में मायूसी पैदा कर दी है. इस महापंचायत में हजारों लोगों के जुटने का अनुमान था, लेकिन कार्यक्रम में कुर्सियां खाली पड़ी रह गईं.

प्रदेश सरकार ने मामले में स्पष्ट किया अपना रुख

राज्य सरकार पहले ही इस मामले में अपना रुख साफ कर चुकी है. सरकार की सिफारिश पर इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और केंद्रीय जांच एजेंसी ने केस टेकओवर कर जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल लगातार इस मुद्दे को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं.

बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप

भाजपा का आरोप है कि विपक्ष अंकिता भंडारी के नाम पर न्याय की नहीं, बल्कि राजनीति की लड़ाई लड़ रहा है. भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि विपक्ष को वास्तव में न्याय की चिंता होती तो वह जांच एजेंसी पर भरोसा करता, न कि भीड़ जुटाकर माहौल बनाने की कोशिश करता. बीजेपी नेताओं ने कहा कि महापंचायत की असफलता ने यह भी दिखा दिया कि जनता अब “राजनीतिक ड्रामे” से प्रभावित होने के मूड में नहीं है. भाजपा नेताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए अंकिता भंडारी को “राजनीतिक प्रतीक” बनाकर सत्ता तक पहुंचने के सपने देख रहा है, लेकिन जनता ने समय रहते इस कोशिश को नकार दिया है. परेड ग्राउंड में सन्नाटा इस बात का संकेत है कि लोग अब विकास, स्थिरता और ठोस कामकाज की राजनीति चाहते हैं, न कि हर संवेदनशील मामले पर सड़क की राजनीति.

Published at: 08 Feb 2026 04:39 PM (IST)
Tags:dehradun newsAnkita Bhandari CaseUTTARAKHAND NEWS
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