उत्तराखंड में तीलू रौतेली जयंती के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया. देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने (शनिवार, 8 अगस्त) प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया. इसके साथ ही 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार दिया गया.

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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि बढ़ाने की घोषणा की. अब इस पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये की जगह 75 हजार रुपये दिए जाएंगे. वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार की राशि भी 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये कर दी गई है.

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वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाता है सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली उत्तराखंड की वीरता, साहस और स्वाभिमान की पहचान हैं. उनके नाम से दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन महिलाओं को सम्मानित करने का माध्यम है, जिन्होंने अपने काम से समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है.

इस साल तीलू रौतेली पुरस्कार पाने वाली महिलाओं में पुष्पा फर्त्याल, दया दानू, नंदा सती, रितिका बगोली, नीतू रानी, वैशाली शर्मा, लतिका, प्रियंका पंत थपलियाल, कलावती देवी, दुर्गा देवी, सरिता कोटियाल, पुष्पा देवी और स्वतंत्र बधानी शामिल हैं.

35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चुनी गईं 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी सम्मानित किया गया. इनमें अल्मोड़ा से सुनीता टम्टा, हेमा मेर और बबीता अधिकारी, बागेश्वर से आनंदी देवी, चमोली से शकुंतला बिष्ट, गीता चंद्रा और रत्ना बिष्ट और चंपावत से तुलसी देवी शामिल हैं.

देहरादून से रश्मि पंत, पूनम साहू और लक्ष्मी पंत, जबकि हरिद्वार से अनिता बर्मन, स्नेहलता, उमा रानी और फरहाना परवीन को पुरस्कार मिला. नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी से भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ सम्मान देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर देना भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है.

मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण और महिला उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ा

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी अहम घोषणा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है.

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती विकास से जुड़ी सेवाओं को गांव और मोहल्ले तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार की राशि बढ़ाना प्रदेश की मातृशक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक है. सरकार का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है.