UPNews: उत्तर प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में पार्किंग की समस्याओं को दूर करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश नगर निगम (पार्किंग स्थान का सन्निर्माण, अनुरक्षण एवं प्रचालन) नियमावली, 2025’ को प्रख्यापित करने की मंजूरी दे दी है. इस नियमावली के लागू होने के बाद अब सभी नगर निगमों में पार्किंग व्यवस्था एक जैसी होगी.

तेजी से बढ़ रहे वाहन गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश के शहरों में निजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है. दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भरमार के चलते सड़कों पर जगह कम पड़ने लगी है. पार्किंग न होने की वजह से लोग वाहन फुटपाथ, सड़क किनारे और अन्य खाली जगहों पर खड़े कर देते हैं. इससे जहां ट्रैफिक जाम होता है, वहीं आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

मल्टीलेवल पार्किंग को बढ़ावानई नियमावली का उद्देश्य पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना और इसे नगर निगमों के लिए आमदनी का स्थायी स्रोत बनाना है.इसके तहत मल्टी लेवल पार्किंग को बढ़ावा दिया जाएगा और स्मार्ट तकनीकों के जरिये पार्किंग की निगरानी और संचालन किया जाएगा. इससे पार्किंग की जगहों का बेहतर उपयोग होगा और अव्यवस्थित पार्किंग पर लगाम लगेगी.

जाम से मिलेगी राहतसरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा. साथ ही शहरों में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण पर भी रोक लगेगी. नियमावली में सभी नगर निगमों में एक जैसे पार्किंग शुल्क की व्यवस्था की गई है, जिससे मनमाने शुल्क वसूली और लोगों के शोषण की संभावना खत्म हो जाएगी.

पार्किंग शुल्क से बढ़ेगी आमदनी इसके अलावा नगर निगमों को पार्किंग शुल्क से नियमित आमदनी होगी, जिससे वे नागरिकों को साफ-सफाई, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध करा सकेंगे.

शहरों का होगा विकास पार्किंग के लिए एक समान नीति लागू होने से शहरों का नियोजित विकास भी सुनिश्चित होगा. लोगों को तयशुदा दरों पर सुगम और सुरक्षित पार्किंग मिलेगी. यह कदम राज्य सरकार के उस विजन को मजबूत करता है, जिसमें शहरी जीवन को स्मार्ट, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना शामिल है.