Ghazipur News: उसरी कांड में कोर्ट सख्त, समन तामील न होने पर पुलिस से मांगा जवाब, जेल अधीक्षक से भी रिपोर्ट तलब
Ghazipur News In Hindi: उसरी कांड में कोर्ट ने वादी को सम्मन तामील न होने पर मोहम्मदाबाद पुलिस से जवाब मांगा है. वहीं आरोपी को जेल की तन्हाई में रखने की शिकायत पर जेल अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की.

गाजीपुर के चर्चित उसरी कांड में अदालत ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. साल 2001 में हुए इस कांड में मनोज राय की हत्या हुई थी. इस मामले में 21 साल बाद मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है.
इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मोहम्मदाबाद पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है. दरअसल, वादी शैलेंद्र राय को अदालत की ओर से पेशी के लिए सम्मन जारी किया गया था, लेकिन वह उन्हें तामील नहीं कराया जा सका. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस से जवाब तलब किया है कि आखिर सम्मन क्यों नहीं पहुंचाया गया.
गिरफ्तारी के बाद तय हुई थी साक्ष्य की तारीख
शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह के न्यायालय में चल रहा है. उन्होंने कहा कि इस केस में मुख्य आरोपी मुख्तार अंसारी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ पहले से कार्यवाही चल रही थी, जबकि शेष आरोपियों का मामला लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है.
इसी बीच गौस मोइनुद्दीन अंसारी, जो मुख्तार अंसारी का चचेरा भाई और रिश्ते में साढ़ू बताया जाता है, लंबे समय से फरार चल रहा था. हाल ही में मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था. इसके बाद साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तारीख तय की गई थी.
तन्हाई में रखने की शिकायत पर भी कोर्ट गंभीर
सुनवाई के दौरान गौस मोइनुद्दीन ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया. उसने आरोप लगाया कि उसे गाजीपुर जेल में तन्हाई में रखा गया है और परिवार के लोगों से मिलने नहीं दिया जा रहा. इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने जेल अधीक्षक से इस संबंध में विस्तृत आख्या मांगी है.
अब इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को होगी. उस दिन पुलिस और जेल प्रशासन दोनों को कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा.
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