Israel-Iran War: ईरान-इजरायल जंग में US की दखलंदाजी पर बोले एसटी हसन, 'तेल भंडारों पर पकड़...'
Israel Iran War: सपा के पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन ने कहा कि दुनिया के अंदर अमेरिका की मोनोपोली है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हम किसी के हाथों कठपुतली क्यों बन गए?

ईरान-इजरायल जंग और अमेरिका की दखलंदाजी पर सपा के पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने अमेरिका और भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. हसन ने कहा कि अमेरिका दुनिया में दबाव की राजनीति कर रहा है. अमेरिका चाहता है परमाणु ताकत सिर्फ उसी के पास रहे और दूसरे देश मजबूत न बन सकें.
उन्होंने आगे कहा कि तेल के भंडारों पर पकड़ बनाने के लिए विश्व राजनीति में दखल दिया जा रहा है. डॉ. हसन ने भारत सरकार से साफ और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की अपील की है.
दुनिया के अंदर अमेरिका की मोनोपोली- एसटी हसन
एसटी हसन ने कहा, ''दुनिया के अंदर अमेरिका की मोनोपोली है. अमेरिका पूरी दुनिया का ताकतवर गुंडा है. वो तो जितने चाहे एटम बम बना लें लेकिन दूसरा मुल्क न बनाए. दूसरा मुल्क मिसाइल भी न बनाए. उनकी मनमानी नहीं चलेगी. कहीं न कहीं पावर वैलेंस अगर हो जाएगा तो दुनिया में असंतुलन खत्म हो जाएगा तो इसी के हवाले से अमेरिका ने ईरान के ऊपर हमला किया है.''
क्या अब हमारी विदेश नीति बदल गई- एसटी हसन
उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका बहुत बड़ी ताकत है और सभी को मालूम है कि जंग का अंजाम क्या होगा? लेकिन जिस तरह से इजरायल और अमेरिका दोनों मिल गए हैं, हमारे प्रधानमंत्री ने चार दिन पहले वहां जाकर ये बात कही थी कि हिंदुस्तान हर वक्त इजरायल के साथ खड़ा है. क्या अब हमारी विदेश नीति बदल गई है? क्या हम फिलीस्तीन का साथ न देकर इजरायल के साथ खड़े होंगे?
'हम किसी के हाथों कठपुतली क्यों बन गए'
अमेरिका के राष्ट्रपति की धमकी के सवाल पर सपा के पूर्व सांसद ने कहा, ''वो तो धमकाते ही हैं, जब ऑपरेशन सिंदूर किया था तो उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री को धमका दिया था. क्या कुछ खिचड़ी पक रही थी कि हमारे प्रधानमंत्री इजरायल गए थे और उसके 48 घंटे बाद जंग शुरू हो गई. हम किसी के हाथों कठपुतली क्यों बन गए?''
तेल की लड़ाई है- एसटी हसन
उन्होंने ये भी कहा कि हमें अपने सम्मान और देश की इज्जत को बरकरार रखना चाहिए. तेल की लड़ाई है, ईरान के पास बहुत बड़ा भंडार है. अमेरिका को पैसे की हवस है. आपने वेनेजुएला को देखा कि उसके साथ कितनी बड़ी ज्यादती की गई. वहां के प्रेसिडेंट को उठाकर ले गए. उनका अता पता हमें नहीं मालूम है कि वो किस हाल में हैं.''
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Source: IOCL

























