लखनऊ, संतोष कुमार। परिवहन निगम की बसों पर कभी ड्राइवर, कंडक्टर तो कभी यात्रियों की बदसलूकी की शिकायतों को अब परिवहन विभाग टेक्नोलॉजी की मदद से निपटेगा। परिवहन विभाग ने बसों का रूट चेकिंग करने वाली टीम को बॉडी वॉर्न कैमरा से लैस कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश चेकिंग करने वाली टीम ड्राइवर कंडक्टर के साथ-साथ यात्रियों की हर हरकत को बतौर सुबूत इकट्ठा करेगी।

परिवहन मुख्यालय ने आये दिन बसों की चेकिंग के दौरान चेकिंग करने वाली टीम के साथ कभी ड्राइवर कंडक्टर की बदसलूकी तो कभी बिना टिकट पकड़े गए यात्रियों की बदजुबानी से निपटने का हाईटेक तरीका खोजा है। परिवहन विभाग ने अब क्षेत्रीय स्तर पर सभी चेकिंग टीम को बॉडी वॉर्न कैमरा देने का निर्णय लिया है। एक अक्टूबर से प्रदेश की सभी 80 विशेष जांच दल का सदस्य यह बॉडी वॉर्न कैमरा लगाकर चलेगा। कैमरा की खरीद के लिए मुख्यालय ने सभी रीजनल मैनेजर को धनराशि भी उपलब्ध करा दी है। इंटरसेप्टर सवार यह विशेष टीम रूट पर परिवहन निगम की बसों की चेकिंग करेगा और चेकिंग के दौरान होने वाली हर बातचीत हर बर्ताव को बॉडी वॉर्न कैमरे से बतौर सुबूत इकट्ठा जुटाया जाएगा। ताकि जांच टीम पर कभी कोई आरोप लगे तो कैमरे की फुटेज से सच्चाई पता लगाई जा सके।

कैमरे से लैस होकर यह टीम उन ड्राइवर और कंडक्टर के लिए ज्यादा मुश्किलें खड़ी करेगी जो ड्यूटी पर शराब पीकर बस चलाते हैं या जो बिना टिकट काटे ही यात्रियों को सफर करवाते हैं।