उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की दीक्षा अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) पद प्राप्त किया है, उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, केवल सेल्फ स्टडी के बल पर पहले ही प्रयास में हासिल की है. दीक्षा अग्रवाल सामान्य परिवार से हैं, उनके पिता शहर में एक दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता शिक्षिका हैं. दीक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर कड़ी मेहनत को दिया.
उन्होंने शुरुआत से ही अपना लक्ष्य तय कर नियमित रूप से पढ़ाई की. सीमित संसाधनों के बावजूद घर पर रहकर तैयारी की और पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल कर ली. दीक्षा ने इस उपलब्धि के लिए किसी कोचिंग का भी सहारा नहीं लिया है. उनके परिजन काफी गर्व महसूस कर रहे हैं.
परिवार में खुशी की लहर
दीक्षा की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है. रिश्तेदार, मित्र और स्थानीय लोग उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं, शहरवासियों ने इसे मुरादाबाद के लिए गर्व का पल बताया है. इससे जिले के युवाओं, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरणा मिली है. इस मौके पर दीक्षा ने बताया कि उन्हें काफी ख़ुशी हो रही है, उनके माता-पिता भी काफी खुश हैं. एक साधारण परिवार से प्रदेश की शीर्ष सेवा का सपना आज पूरा हुआ. वे प्रतियोगियों से अपनी मेहनत का शत-प्रतिशत देने की अपील भी कर रहीं हैं. फिलहाल परिवार में जश्न सा माहौल है.
टॉप-10 में छह लड़कियां शामिल
यहां बता दें कि सोमवार को यूपीपीसीएस का रिजल्ट जारी हुआ है, जिसमें नेहा पांचाल ने टॉप किया है. यही नहीं टॉप-10 में छह लड़कियां शामिल हैं. अनन्या त्रिवेदी दूसरे और अभय प्रताप सिंह तीसरे नम्बर पर रहे. कुल चुने गए 932 अभ्यर्थियों में 613 पुरुष और 319 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं.
