उत्तर प्रदेश में अघोषित बिजली की कटौती पर योगी सरकार ने सख्त रख अपनाया है, बिजली कटौती मामले में यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में बड़े पैमाने पर सस्पेंशन हुआ है. बिजली कटौती मामले में गाजियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें मेरठ मुख्यालय से अटैच किया गया है. इसी तरह मेरठ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

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दरअसल, लखनऊ स्थित शक्ति भवन में आज यूपी में बिजली आपूर्ति एवं राजस्व व्यवस्था को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में बताया गया कि यूपी के कई जिलों में लगातार ट्रिपिंग और बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान है. यह बैठक  UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें UPPCL MD नितीश कुमार समेत बिजली विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे.

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निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

शक्ति भवन में आयोजित इस बैठक में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही ट्रिपिंग संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के संबंध में UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने दिशा-निर्देश दिए हैं.

उपभोक्ताओं के बेहतर सेवाओं के लिए निर्देश

बैठक में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. वहीं, कई जिलों में बिजली सप्लाई बाधित होने पर विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. साथ ही UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा है कि जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति देना विभाग की प्राथमिकता है.

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थी. लखनऊ से बीजेपी विधायक डॉ. नीरज बोरा और गोंडा से बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर अघोषित बिजली कटौती के संबंध में शिकायत की थी. वहीं, बिजली कटौती के मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया था.

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